रायपुर। रबी मौसम में होने वाली प्रमुख फसल गेंहू, अरहर, चना, सरसों, अलसी और सूरजमुखी फसलों में कीटों से बचाव, उचित देखभाल और भरपूर पैदावार के लिए कृषि वैज्ञानिकों ने समसामयिक सलाह दी है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से एक बार फिर से उत्तरी छत्तीसगढ़ में बादल आ गए हैं। अगले दो-तीन दिनों तक रायपुर समेत सरगुजा संभाग इलाके में बादलों का डेरा बना रहेगा। रायपुर समेत प्रदेश के अंबिकापुर में सुबह से बादल छाए हैं। मौसम विभाग ने बताया कि बादलों के कारण अधिकतम और न्यूनतम तापमान में फिर से बढ़ोतरी होगी, हालांकि इस दौरान बारिश की संभावना नहीं है। पिछले कुछ दिनों से उत्तरी छत्तीसगढ़ के उत्तरी इलाके में मौसम का उतार-चढ़ाव जारी है।
कृषि संचालनालय रायपुर के कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार रबी मौसम में गेंहू फसल की बुआई के 20 से 25 दिन के बाद पहली सिंचाई करें। पहली सिंचाई के समय में नाइट्रोजन की दूसरी मात्रा का टापड्रेसिंग करें। गेंहू फसल में दूसरी सिंचाई कल्ले निकलने की अवस्था में बुआई के लगभग 40 से 50 दिन के बाद करें और इस समय नाइट्रोजन की तीसरी मात्रा का टाप ड्रेसिंग करें। अरहर में फल बनने की अवस्था में फलभेदक कीटों के नियंत्रण के लिए इंडोंक्साकार्ब दवाई 300 ग्राम 500 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें।
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