रायपुर। शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत करीब 74 लाख रुपये के गड़बड़झाले के मामलेेे में संदिग्ध खातेदारों ने अब रकम वापस करनी शुरू कर दी है। पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) जीआर चंद्राकर के कार्यकाल में किन-किन निजी स्कूलों को कितनी राशि भेजी गई है, इसका फिजिकल सत्यापन भी कराया जाएगा। अभी तक विभाग के खाते में करीब 40 लाख स्र्पये वापस हुए हैं।
मामले में स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने अभी तक इन खातेदारों का डीईओ कार्यालय के किन-किन लोगों से तालुकात है, इस बिंदु पर कोई जांच नहीं की है। शिक्षा विभाग के अफसरों को यह भी पता नही है कि विभाग के पास इन खातेदारों का नाम कहां से आया है?
जानकारों का मानना है कि यदि खातेदारों से पूछताछ की जाए तो डीईओ कार्यालय से इन खातेदारों के बीच किन-किन कर्मचारी और अधिकारी के नजदीकी संबंध हैं, इसका पता लगाया जा सकता है। मामले में शिक्षा विभाग ने चुप्पी साध ली है। स्कूल शिक्षा विभाग के मंत्री डा. प्रेेमसाय सिंह टेकाम का कहना है कि जिसने भी गड़बड़ी की है, उस पर कार्रवाई की जाएगी ।
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