Desk News : कभी खाते की जानकारी हासिल कर फ्रॉड तो कभी एटीएम हैक कर हजारों-लाखों का चूना। आप भी अक्सर ऐसी खबरों से रूबरू होते होंगे। ऐसी हर घटना के बाद दिमाग में लाजिमी तौर पर यह सवाल उठता है कि क्या बड़े-बड़े अपराधियों को पकड़ लेने का दावा करने वाली हमारी पुलिस भोले भाले लोगों की आंखों में धूल झोंककर उनकी कमाई पर हाथ साफ करने वाले साइबर अपराधियों के सामने बेबस है।
आखिर रोज ऐसी तमाम घटनाओं को दर्ज कर या कभी-कभी यूं ही टाल कर पुलिस भूल क्यों जाती है। कानपुर में वायरल हो रहे एक ऑडियो से कुछ-कुछ इसका अंदाज लगता है। ‘लाइव हिन्दुस्तान’ इस ऑडियो की पुष्टि नहीं करता लेकिन यदि यह सच है तो साफ जाहिर हो रहा है कि एटीएम हैकरों को पुलिस का संरक्षण मिला हुआ है।
इस ऑडियो में कथित तौर पर एक सिपाही और एक एटीएम हैकर के बीच बातचीत हो रही है। ऑडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि आरोपित सिपाही पहले कानपुर के चकेरी थाने में तैनात था और अब अनवरगंज थाने में तैनात है। सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो छह मिनट 42 सेकेंड का है।
सिपाही हैकर से बोल रहा है, मैं तुम्हारा हर वक्त साथ देता हूं। बहुत लोग तुम्हारी शिकायत करते हैं। तुम कहां जा रहे हो और क्या कर रहे हो, सब जानकारी रहती है। तुम्हारी वजह से मुझे अपने अधिकारियों की बातें भी सुननी पड़ती हैं। तभी एटीएम हैकर बोलता है कि वह बाहर के जेल में बंद अपने एक दोस्त से मिलने जाता है।
इस कारण उसकी लोकेशन दिल्ली और फरीदाबाद ही मिलती है। इस पर सिपाही कहता है कि तुम्हारी 20 से अधिक लोकेशन है, जहां के एटीएम से तुम काम करके आए हो, तो हैकर कहता है कि दिल्ली से कोई पेमेंट नहीं आ रही है। सिपाही बोलता है कि तुम दिल्ली अकेले नहीं गए थे, तुम्हारे साथ 20 लोग गए हैं। सबकी जानकारी है। इसलिए पेमेंट नहीं आने की बात ही मत करो।
मुझे मत बताओ कि पेमेंट आ रही है या नहीं। मैं तुम पर आंख बंद करके विश्वास कर रहा हूं और तुम मुझे गुमराह कर रहे हो। सिपाही बोलता है कि अभी चार दिन पहले तुम कहां से आये हो, ये भी पता है। ये सभी जानकारी डीसीपी साहब को भी है। उसके बाद भी तुम किसकी वजह से अभी तक बचे हो, यह भी पता कर लो। पैसा देना है तो दो, नहीं तो मैं तुम्हें बताऊंगा। इस मामले में पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदण्ड का कहना है कि आडियो की जांच कराई जाएगी। आरोप साबित होने पर सिपाही पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
