छत्तीसगढ़ में लगातार बिगड़ती कानून व्यवस्था और इंटेलीजेंस की कमजोरी के बाद कल देर रात राज्य शासन ने भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों की नवीन पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। इस बड़े बदलाव से वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के कद को कम करने की भी जानकारी सामने आई है।
छत्तीसगढ़ गृह विभाग की जारी तबादला सूची में सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि राज्य के पूर्व डीजीपी डी एम अवस्थी की पोस्टिंग है।
गौरतलब है कि वरिष्ठ आईपीएस डी एम अवस्थी को कुछ महीनों पहले डीजीपी से हटाकर लूप लाईन में डाल दिया गया था।मगर उनकी क्षमता पर सरकार ने फिर विश्वास करते हुए और सरकार की बिगड़ती छवि के मद्देनज़र उन्हें ईओडब्ल्यू व एंटी करप्शन का महानिदेशक बनाया है।
वहीं लगातार बेहद बदतर कानून व्यवस्था के लिए जाने वाले बिलासपुर के आईजी रतनलाल डांगी को सीधे लूप लाईन में डाल दिया है।बिलासपुर सम्भाग में लगातार कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे थे।
वहीं इंटेलीजेंस यानि गुप्त वार्ता जो कि सरकार का सबसे महत्वपूर्ण विभाग होता है यहाँ पदस्थ आईपीएस आनंद छाबड़ा को स्थानांतरित कर दुर्ग आईजी बनाकर ये विभाग सरगुजा आईजी अजय यादव को दे दिया गया है।
वहीं आरिफ शेख को ईओडब्ल्यू विभाग से स्थानांतरित कर आईजी रायपुर रेंज बनाया गया है मगर आश्चर्य जनक रूप से रायपुर को छोड़कर इस रेंज के अन्य ज़िले का आईजी रखा है वहीं रायपुर ज़िले का आईजी अजय यादव को इंटेलीजेंस के साथ साथ दिया गया है।
इससे साफ है कि छत्तीसगढ सरकार अब कानून व्यवस्था को लेकर किरकिरी करा रहे अधिकारियों को फील्ड से हटाकर ठीक ठाक काम करने वालों को तरजीह देकर अपनी छवि सुधारने का प्रयास कर रही है।देखना ये है कि इस बड़े फेरबदल के बाद कानून व्यवस्था पर कितनी कसावट आती है।
