मनेंद्रगढ़। जिले में तेंदुए का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। यहां एक महीने में तेंदुए ने चौथी बार किसी शख्स पर हमला किया है। जिससे उसकी मौत हो गई है। वो खेत में काम कर रहा था। उसी दौरान तेंदुए ने उस पर हमला किया और भाग गया है। लगातार तेंदुए के हमले के कारण लोग काफी दहशत में हैं। मामला जनकपुर इलाके का है। जिले में एक महीने के अंदर तेंदुए के हमले से यह तीसरी मौत है। तेंदुए के बढ़ते आतंक को देखते हुए आज सुबह से ही ग्रामीणों ने आदमखोर तेंदुआ को घेर कर रखा है। तेंदुआ अभी जनकपुर वन परिक्षेत्र के ग्राम नौडिया में अरहर के खेत में मौजूद है।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार रविवार शाम को जनकपुर निवासी रनबदन अपने खेत में फसल की रखवाली कर रहा था। उसी वक्त अचानक से तेंदुआ पहुंच गया और उसने अधेड़ पर हमला कर दिया। घटना का पता तब चला, जब कुछ ग्रामीण उस खेत के पास पहुंचे थे। वहां पर रनबदन का शव पड़ा हुआ था। इसके बाद वन विभाग को इस बात की सूचना दी गई थी। खबर मिलते ही मौके पर वन विभाग की टीम पहुंची और शव को पोस्मार्टम के लिए भेजा गया।
यह तेंदुआ जिले के अलग-अलग इलाकों में विचरण कर रहा है। इसके पहले 3 जनवरी को इसने सिंगरौली गांव में एक महिला की जान ली थी। तब भी लोगों ने मांग की थी कि इसे जल्द पकड़ लिया जाए। फिर इसे पकड़ने जंगलों में पिंजरे लगाए गए थे। फिर भी तेंदुआ पकड़ में नहीं आया।
ग्रामीण अब इस तेंदुए को मारने की मांग कर रहे हैं। दो दिन पहले ही कांकेर से तेंदुए को पकड़ने आई एक्सपर्ट टीम वापस चली गई थी। उस दौरान एक्सपर्ट टीम ने कहा था कि वह आदमखोर नही है, जबकि वह बार-बार गांव में घुसकर ग्रामीणाें पर हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार रहा है। एक्सपर्ट टीम के जाते ही जनकपुर वन परिक्षेत्र में अब तेंदुए ने एक अधेड़ को मार दिया है। ऐसे में लोग वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। जानकारी के अनुसार वनांचल कुंवारपुर व जनकपुर वनपरिक्षेत्र में कांकेर से पहुंची वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट की चार सदस्यीय टीम पांच दिन से सिर्फ पंजों के निशान से तेंदुए की पहचान करने में जुटी है। हालांकि फॉरेस्ट टीम तेंदुए को पकड़ने के लिए जनकपुर और कुंवारपुर में आधा दर्जन पिंजरा लगा रखा है। लेकिन तेंदुआ पिंजरे में नहीं फंस रहा है।
