रायगढ़। सेवा सहकारी समिति धान खरीदी केन्द्र लोइंग में धान का उठाव नही हो पा रहा है। फलत: 18,700 क्विंटल धान फड़ में जाम हो गया है। हेमालों की कमी के कारण भी धान फड़ में पड़ा हुआ है, बोरियो का स्टॉक नही बनाया जा सका है जिसके कारण धान की बोरियां फड़ में बिखरी पड़ी है। किसान धान बेचने ला रहे हैं लेकिन ढेरी करने की जगह नही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार हेमालों की कमी के कारण जहाँ तौल व भराई किसान स्वयं कर रहे हैं वही टोकन कम काटे जाने के कारण 31 जनवरी तक तय सीमा में किसानों की धान खरीदी सम्भव नही हो पाएगी। धान खरीदी का तारीख अगर नही बढ़ाया गया तो किसान धान बेच नही पायेंगे। सेवा सहकारी समिति लोइंग में 973 किसानों ने धान विक्रय हेतु पंजीयन कराया है जिनमे अभी तक 721 किसान धान बेचे है जबकि 252 किसान नही बेंच पाए हैं। 599 हेक्टेयर पंजीकृत कृषि भूमि की लगभग 22 हजार क्विंटल धान खरीदा जाना शेष है जबकि समय भी बहुत कम है। 16 , 17 जनवरी शनिवार व रविवार की छुट्टी ,23 ,24 जनवरी शनिवार रविवार की छुट्टी , 26 जनवरी गणतंत्र दिवस की छुट्टी , 27 व 28 जनवरी पुषपुनि त्यौहार के कारण हेमाल नही निकलते वही 30 व 31 जनवरी शनिवार , रविवार के कारण भी धान खरीदी बाधित होगी। ऐसे में कुल 7 दिवस ही धान खरीदी के बच रहे हैं ।प्रति दिवस तीन हजार क्विंटल धान खरीदी की जाए तो संभव है 31 जनवरी के अंदर किसान अपना धान बेच पाएंगे लेकिन हेमालों की कमी व धान उठाव नही होने के साथ साथ वारदानो की कमी के कारण इस बार किसान काफी परेशान हैं। बारदानो की खरीदी में किसानों को 15 से 20 रुपये प्रति बोरी घाटे में जा रहे हैं । एक किसान 150 बोरी खरीदकर व्यवस्था करता है तो उसे चार हजार पांच सौ रुपये लग रहे हैं जबकि 2250 रुपए उसे हानि हो रही है। मजबूरी में किसान अपना धान किसी तरह बेचने के फिराक में है।
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