बाईक सवार दो युवकों पर जंगली हाथी ने किया हमला, काफी दूर तक दौड़ाया, युवकों ने गड्ढे में छुपकर बचाई जान, पढ़िये पूरी खबर

by Kakajee News

कोरबा वनमंडल के मदनपुर गांव के पास हाथी ने बाइक सवार दो युवकों पर हमला कर दिया। जिसके बाद दोनों उठकर भागने लगे। हाथी ने दोनों युवकों को काफी दूर तक दौड़ाया। हाथी से बचने के लिए दोनों युवक भागकर एक गड्ढे में जा छिपे। अपनी जान बचाने के लिए दोनों कई घंटों तक गड्ढे में ही छिपे रहे। इधर हाथी ने अपना पूरा गुस्सा युवकों की बाइक पर निकाल दिया।

 

जानकारी के मुताबिक, दो युवक रेवा राम (25 वर्ष) और चैत राम (22 वर्ष) बाइक पर सवार होकर मदनपुर की ओर आ रहे थे। यहां उनका सामना एक हाथी से हो गया। हाथी ने बाइक को देख उसे पीछे से लात मारी, जिससे दोनों युवक गाड़ी से नीचे गिर पड़े। हाथी को देख वे बहुत डर गए और जंगल की ओर भागने लगे। हाथी ने भी उन्हें काफी दूर तक दौड़ाया।

दोनों युवक भागकर जैसे-तैसे एक गड्ढे में जा छिपे। घंटों युवक उस गड्ढे में छिपे रहे। इधर हाथी ने युवकों को न देख उनकी बाइक पर पूरा गुस्सा निकाल दिया। हाथी ने उनकी बाइक को तहस-नहस कर डाला। सुबह होने पर दोनों युवकों ने इस घटना की सूचना वन विभाग को दी।

 

सूचना मिलते ही बुधवार को वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और दोनों युवकों को गड्ढे से बाहर निकालकर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। दोनों बाइक सवार मामूली रूप से घायल हैं। घायलों ने बताया कि बाइक रेवा राम चला रहा था और चैत राम पीछे बैठा हुआ था, तभी अचानक हाथी से उनका सामना हो गया। दोनों युवक बगदरी ग्राम के रहने वाले हैं। इधर वन विभाग ने ग्रामीणों से जंगल की ओर नहीं जाने की अपील की है।

 

30 हाथी जंगल में घूम रहे
कटघोरा वन मंडल के बाद अब कोरबा वन मंडल के जंगल में हाथी का झुंड घूम रहा है। करतला-कुदमुरा क्षेत्र के बीच 30 हाथियों के झुंड में एक दंतैल (लोनर हाथी) और 8 बेबी एलीफेंट शामिल है। दिनभर जंगल में मौजूद हाथी अंधेरा होते ही गांव के आसपास और सड़क पर पहुंचने लगे हैं, जिससे रात के समय इन क्षेत्रों में लाेगाें की आवाजाही से खतरा बढ़ गया है। इसलिए वन विभाग के बैरियर में अंधेरा हाेने के बाद दोपहिया में आवाजाही करने वालों काे मौजूद कर्मचारियों द्वारा आसपास क्षेत्र में हाथी की मौजूदगी की जानकारी दी जाती है, जिससे वे सचेत रहें।

माढ़ नदी के आसपास डेरा डाले हुए हैं हाथी
30 हाथी का झुंड धरमजयगढ़ से पहुंचा है। दरअसल कोरबा वन मंडल और धरमजयगढ़ वन मंडल की सीमा पर माढ़ नदी है। गर्मी के सीजन में प्यास बुझाने के लिए हाथी माढ़ नदी के आसपास डेरा डाले हुए हैं। ये हाथी करतला और कुदमुरा क्षेत्र के गांव के आसपास जंगल में दिनभर मौजूद रहते हैं। रात में बाहर निकलकर गांव के आसपास फसल खा जाते हैं। वहीं सड़क पर आवाजाही करने वालों पर हमला भी कर देते हैं। इस कारण क्षेत्र के ग्रामीण भयभीत हैं।

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