रायपुर. 11 सितंबर से शासकीय दूधाधारी बजरंग महिला महाविद्यालय रायपुर के भूगोल विभाग में उच्च शिक्षा एवं छत्तीसगढ़ कॉउन्सिल ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के सहयोग से प्राचार्य डॉ. किरण गजपाल के मार्गदर्शन में सात दिवसीय ‘रिमोट सेंसिंग एंड जियोग्राफ़िक इन्फॉर्मेशन सिस्टम’ कार्यशाला का उद्घाटन किया गया। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हेमचंद दुर्ग विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. अरुण पलटा ने कहा कार्यशाला का विषय बहुत ही महत्वपूर्ण है और इस तरह के वर्कशॉप की बहुत आवश्यकता है।
इस वर्कशॉप के माध्यम से छात्रों को उनके विभिन्न समस्याओं का समाधान होगा।रिमोट सेंसिंग में पृथ्वी के संदर्भ में सेटेलाइट के माध्यम से जानकारी प्राप्त की जाती है एवं GIS सिस्टम इस जानकारी को प्राप्त करने का टूल है। इसका उपयोग कृषि, नगरीय नियोजन आपदा प्रबंधन ,पृथ्वी के अध्ययन एवं सटीक परिणाम के लिए किया जाता है। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. किरण गजपाल ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि रिमोट सेंसिंग विषय महाविद्यालय के पाठ्यक्रम में शामिल है।
भूगोल एक ऐसा विषय है जो धरातल के मानचित्र को प्रदर्शित करता है। भूगोल के माध्यम से भूमि के विभिन्न परतों,प्राकृतिक विविधता को जाना जाता है। विशिष्ट अतिथि के रूप में गुजरात विश्वविद्यालय से एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रीना कुमारी ने कहा हम रिमोट सेंसिंग का उपयोग किस प्रकार कर सकते हैं? रिमोट सेंसिंग का उपयोग प्राकृतिक आपदाओं में करते हैं जिससे प्राकृतिक आपदाओं को निपटने में मदद मिलती है। विशिष्ट अतिथि के रूप में रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय भूगर्भ विज्ञान, रायपुर के प्राध्यापक,डॉ निनाद बोधनकर ने कहा रिमोट सेंसिंग हेतु महाविद्यालय में रिमोट सेंसिंग सेंटर खुलना चाहिए, जिससे विद्यार्थियों कोविद्यार्थियों को सॉफ्टवेयर की प्रायोगिक जानकारी प्राप्त हो सके ,
भारतीय सुदूर संवेदन तकनीक का मुख्य उद्देश्य समाज कल्याण है। इसरो( बंगलुरू ) NRSC (हैदराबाद)) एवं IIRS(देहरादून) इस संबंध में शीर्ष संस्थान हैं। इसरो के प्रत्येक राज्य में स्पेस एप्लीकेशन सेंटर है जो राज्य की आवश्यकताओं के अनुरूप उपग्रह से प्राप्त आंकड़ों को प्राप्त कर राज्य के विकास में महती भूमिका अदा करते हैं ।कार्यशाला की संयोजक डॉ. प्रीति बाला जायसवाल एवं सह-संयोजक डॉ.कल्पना लांबे हैं।
कार्यशाला की रूपरेखा का परिचय कार्यक्रम संयोजक डॉ. प्रीति बाला जायसवाल ने दिया।कार्यक्रम का संचालन आई क्यू ए सी प्रभारी डॉ. उषाकिरण अग्रवाल व आभार भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ. शीला श्रीधर ने किया। उक्त कार्यक्रम में डॉ. कल्याण रवि एवं महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक,सहायक प्राध्यापक व विभिन्न महाविद्यालय से आये प्रतिभागी उपस्थित रहे।
