रायपुर/महासमुंद। छत्तीसगढ़ में महासमंुद जिले के बागबाहरा खल्लारी मंदिर परिसर में 10 महीने पहले 176 बेटियों को शादी के बाद अब तक उपहार नहीं दे पाने के मामले में अब जिला महिला व बाल विकास अधिकारी ने 15 दिनों में उपहार देने की जानकारी की है। नईदुनिया में लगातार 23 और 24 जनवरी को प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद महिला और बाल विकास विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। इस बीच पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने सोशल मीडिया में प्रदेश सरकार को आड़े हाथ लिया है, जबकि कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता विकास तिवारी इस मामले में सरकार का बचाव करते नजर आए। दूसरी ओर भाजयुमो के कार्यकर्ताओं ने बेटियों को उपहार नहीं मिलने के मामले में रविवार को शाम छह बजे कांग्रेस भवन के सामने नेहरू चौक पर महिला व बाल विकास मंत्री अनिला भेड़िया का पुतला दहन किया।
जानकारी के अनुसार 176 निर्धन बेटियों को विवाह के 10 माह बाद भी उपहार सामग्री न दे पाने की नईदुनिया की खबर पर संयुक्त संचालक महिला व बाल विकास विभाग ने जिला महिला व बाल विकास अधिकारी मनोज सिन्हा से मसले पर जवाब तलब किया। अधिकारी सिन्हा ने संयुक्त संचालक को 23 जनवरी को ही पत्र जारी कर 15 दिन में सामग्री हितग्राहियों को वितरण कराने लिखित तौर पर दिया है। साथ ही सिन्हा ने नईदुनिया की खबर पर मुहर लगाते हुए स्पष्ट किया है कि वितरक फर्म की ओर से जो सामग्री आपूर्ति की गई थी वह मानक गुणवत्ता से निम्न स्तर की थी। उन्होंने पत्र में तत्कालीन कलेक्टर सुनील जैन को जिम्मेदार ठहराते लिखा है कि सामग्री गुणवत्तापूर्ण न होने से उन्होंने वितरक फर्मो को सामग्री लौटाने का आदेश दिया था।
इस बीच तत्कालीन कलेक्टर और इस समय बलौदाबाजार के कलेक्टर सुनील जैन ने इस मामले में नईदुनिया से कहा कि उपहार सामग्री की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थी। तब अधिकारी सुधाकर बोदले से उपहार सामग्री की गुणवत्ता की जांच कराई गई थी। बोदले की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही मानक गुणवत्ता के अनुरूप सामग्री न होने पर उसे वापस करने और तत्काल मानक गुणवत्ता के अनुसार सामग्री मंगवाकर वितरित करने कहा गया था। जैन ने कहा कि 10 माह तक उपहार का वितरित न हो पाना विभाग की लापरवाही है।
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