जिले के गादीरास क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत पोरदेम से सरकारी राशन दुकान से अवैध रूप से चावल लेकर जा रहे, पिकअप वाहन को ग्रामीणों ने मानकापाल कैंप के पास रोककर वाहनों से बरामद चावल सहित पिकअप वाहन को पुलिस को सौंप दिया गया। खाद्य विभाग ने इस मामले की खबर लगते ही मौके पर पिकअप वाहन से बरामद चावल का सत्यापन कर पर सरकारी राशन दुकान का चावल पाया गया। खाद्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए वाहन को जप्त कर गादीरास थाना को सौपा गया। खाद्य विभाग के द्वारा उक्त चावल का प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही।
ग्राम पंचायत पोरदेम का राशन दुकान का संचालन ग्राम पंचायत के माध्यम से किया जा रहा है, पंचायत के द्वारा राशन दुकान संचालक की जिम्मेदारी गांव के मड़कमी सन्ना को दी थी। इधर दुकान संचालक का कार्य सरपंच और सचिव के निगरानी में किया जा रहा था। वही ग्राम पोरदेम पहुंचविहीन गांव होने की वजह से यहां पर 6 माह का राशन एक साथ शासन-प्रशासन के द्वारा भेजा जाता है। लेकिन यह 6 महीने का राशन में मात्र चार माह का राशन हितग्राहियों को दिया गया है, और दो माह का राशन नहीं मिलने से हितग्राही परेशान थे, वहीं राशन कार्ड धारी ने दुकान संचालक से कई बार चावल की मांग करने पर दुकान संचालक चावल नहीं आने का बहाना बात कर ग्रामीणों को चावल नहीं दे रहा था, वही नाराज ग्रामीणों ने राशन दुकान से चावल लेकर जा रहे पिकअप को रंगे हाथों पकड़ा गया। जबकि यहाँ के लिए एक साथ जुलाई से दिसम्बर 2023 तक चावल पहले से आ चुका था।
पिकअप से 49 बोरी चावल जप्त
पिकअप वाहन से 49 बोरी चावल बरामद किया गया। जिसमें मशीन सिलाई का 23 जुट बोरा व 26 सफेद रंग की प्लास्टिक बोरी में चावल बरामद किया गया। यह सभी चावल सरकारी सप्लाई का चावल है। राशन कार्ड धारियों का कहा कि राशन कार्ड कई महीने से दुकान संचालक अपने पास जमा करके रखा हुआ था। राशन दुकान संचालक के द्वारा राशन कार्ड अपने घर मे रखकर दिसम्बर तक का राशन की एंट्री राशन कार्ड में कर दिया गया है।
चावल को सफाई करने ले जा रहे थे राइस मिल
दुकान संचालक मड़कमी सन्ना ने बताया कि चावल में कचरा होने की वजह से चावल की सफाई करने के लिए गादीरास राइस मिल ले जा रहे थे। उन्होंने बताया कि पंचायत के लिए एक साथ 6 महीने का चावल दिया गया था, चावल का वितरण किया जा चुका है, जो चावल बचा था उसमें कचरा लगा था, कचरे की सफाई कर चावल को जनवरी माह में वितरण करना था। 204 राशन कार्ड धारी है।
राशनकार्ड धारी रम्मिया गंदामी ने बताया कि हमारा गांव तक पहुंचने के लिए सड़क की सुविधा नहीं होने की वजह से गांव का राशन एक साथ 6 महीने का राशन पंचायत को आवंटित कर दिया जाता है, वही 6 महीने का राशन पंचायत को मिल गया था, जिसमें से चार माह का राशन दुकान संचालक के द्वारा दिया गया है, और दो माह का चावल अब तक नहीं दिया गया है। दुकान संचालक ने ग्राम पंचायत पोरदेम के सभी कार्ड धारियों क राशन कार्ड राशन दुकान संचालक अपने पास ही जाम कर के रख लेता है। जिसमें 6 महीने का राशन वितरण का एंट्री कर दिया गया है।
राशनकार्ड धारी गंगा कोर्रामी बताया कि ग्राम पंचायत पोरदेम में पास सरकारी चावल लेकर जा रहे थे, पिकअप वाहन मनकापाल कैम्प के पास रोककर पकड़ा गया। जिसमें गांव के राशन कार्ड धारियों को वितरण करने वाला चावल बरामद हुआ। जिसके बाद पिकअप वहानों मनकापाल कैम्प में पुलिस अधिकारियों को सौप दिया गया। उन्होंने बताया कि गांव के सरकारी दुकान के सामने गाड़ी लगाकर चावल भरने का सूचना मिलने पर तत्काल पिकअप वाहन पकड़ा गया। मनकापाल कैम्प के सौप दिया गया।
खाद्य निरीक्षक अरविंद ध्रुव ने बताया की पिकपक वाहन क्रमांक सीजी 18 के 2849 से पोरदेम ग्राम पंचायत के चावल को सुकमा ले जा रहा था। उक्त वाहन को पोरदेम के ग्रामीणों ने पकड़ के मनकापाल केम्प के सौप दिया था, पिकअप में जप्त चावल सत्यापन करने पर 49 बोरी चावल बरामद किया गया। जिसमें मशीन सिलाई का 23 जुट बोरा 26 सफेद रंग की प्लास्टिक बोरी में चावल बरामद किया गया। राशन दुकान संचालक और पिकअप चालक ने बताया का कहना है कि चावल को सफाई करने के लिए मिल ले जा रहे थे लेकिन विभाग को ऐसी कोई सूचना नहीं दी गई थी इसलिए चावल और पिकअप वाहन को जप्त कर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
पहले भी हो चुका है हेरा फेरी, दोषियों पर हुआ था एफआईआर
ग्राम पंचायत पोरदेम का दुकान संचालक वर्तमान में मानकपाल पंचायत के अंतर्गत होता है, जबकि इससे पूर्व कोर्रा में दुकान का संचालन होता था। वहीं वर्ष 2018-19 में चावल वितरण में हेर-फेर कर ग्रामीणों को चावल नहीं दिए जाने के कारण, इस मामला की शिकायत के बाद सेल्समैन के खिलाफ फिर कर जेल भेजा गया था। वही दूसरा मामला 2 वर्ष पहले नवंबर-दिसंबर माह का चावल नहीं दिए जाने की प्रकरण में भी सरपंच के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सरपंच को हटाया गया था साथ इस मामले से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई थी फिर इस बार इसी पंचायत में चावल का प्रकरण सामने आया और इसकी जांच में सरपंच और पंचायत सचिव पर भी बड़ी कार्रवाई हो सकती है क्योंकि राशन दुकान का संचालन पंचायत के माध्यम से किया जा रहा है।
