डायबिटीज रोगियों में किडनी-आंखों की समस्याओं का कम होगा खतरा, वैज्ञानिकों ने खोज लिया ‘कारगर उपाय’

by Kakajee News

डायबिटीज वैश्विक स्तर पर बढ़ती गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में से है। आंकड़ों से पता चलता है कि 20-79 वर्ष के लगभग 537 मिलियन (53.7 करोड़) से अधिक वयस्कों को मधुमेह की समस्या हो सकती है, यानी लगभग हर 10 में से एक व्यक्ति मधुमेह के साथ जी रहा है। यह संख्या 2030 तक 64.3 करोड़ और 2045 तक 78.3 करोड़ तक बढ़ने का अनुमान है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, डायबिटीज गंभीर क्रोनिक समस्या तो है ही साथ ही इसके कारण शरीर के कई अन्य अंगों पर भी नकारात्मक असर होने का खतरा हो सकता है। डॉक्टर कहते हैं, यदि आपका भी ब्लड शुगर लेवल अक्सर बढ़ा रहता है तो इसके कारण शरीर में कई और भी प्रकार की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। डायबिटीज की स्थिति के कारण आंखों, किडनी, लिवर, हार्ट पर नकारात्मक असर हो सकता है।

इन जोखिमों से बचाव के लिए विशेषज्ञों ने एक खास दवा की खोज की है, जो डायबिटीज की जटिलताओं को कम करने में मददगार हो सकती है। शोधकर्ताओं का कहना है कि ये दवा मधुमेह रोगियों के लिए अत्यंत लाभकारी हो सकती है।

जर्नल कार्डियोवस्कुलर डायबेटोलॉजी में प्रकाशित रिपोर्ट्स से पता चलता है शोधकर्ताओं ने एक नई अवरोधक दवा की पहचान की है जिससे मधुमेह की दो जटिलताओं- आंखों और किडनी को होने वाली क्षति को रोकने में मदद मिल सकती है। अब तक चूहों पर किए गए शोध में इस दवा के विशेष लाभ देखे गए हैं, इंसानों पर अध्ययन शुरुआती चरणों में हैं।

अध्ययनकर्ता बताते हैं, डायबिटीज को मैनेज करने के स्थिति में थोड़ी सी भी लापरवाही के कारण कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है, ये शरीर की छोटी रक्त वाहिकाओं या माइक्रोवैस्कुलचर को प्रभावित करती है। इन स्थितियों को रोकने में इस दवा से लाभ मिलने के संकेत हैं।

डायबिटीज में आंखों और किडनी की समस्या

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, डायबिटीज रोगियों में दो प्रकार की माइक्रोवैस्कुलर जटिलताएं सबसे आम हैं।
डायबिटिक रेटिनोपैथी (डीआर, जो मधुमेह रोगियों में दृष्टि हानि और अंधापन का प्रमुख कारण है।
डायबिटिक किडनी डिजीज (डीकेडी), जिसके परिणामस्वरूप किडनी फेल हो सकती है।

डॉक्टर कहते हैं, डीआर और डीकेडी के लक्षणों के लिए उपचार उपलब्ध हैं, लेकिन वर्तमान में इन जटिलताओं को रोकने के लिए कुछ भी नहीं है। इस संबंध में ब्रिस्टल विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने जो दवा खोजी है वह आंख और किडनी दोनों की जटिलताओं को रोक सकती है। अध्ययन के वरिष्ठ लेखक रेबेका फोस्टर कहते हैं, अध्ययन के परिणाम काफी रोमांचक हैं हमने डायबिटीज रोगियों की गंभीर जटिलताओं को कम करने के लिए दवा की पहचान की है।

विशेषज्ञ कहते हैं, डायबिटीज रोगियों में होने वाली किडनी और आंखों की समस्याओं में पाया गया है कि इन विकारों में ग्लोमेरुलस (रक्त को फिल्टर करने वाली छोटी वाहिकाओं का नेटवर्क) में होने वाली समस्याओं को हेपरानेज अवरोधक ड्रग के माध्यम से कम किया जा सकता है। ये न सिर्फ ब्लड शुगर बढ़ने के कारण आंखों को होने वाली क्षति से बचा सकती है साथ ही किडनी की समस्याओं को कम करने में भी इससे लाभ मिलने के संकेत हैं।

अध्ययन के निष्कर्ष से पता चता है कि मधुमेह रोगियों में माइक्रोवास्कुलर जटिलताओं के खतरे को कम करने के लिए हेपरानेज अवरोधक का उपयोग लाभप्रद हो सकती है। अध्ययन की लेखिका मोनिका गेमेज कहती हैं, वर्तमान में हम इस अवरोधक ड्रग के नैदानिक उपयोग में आगे बढ़ाने के लिए अनुसंधान कर रहे हैं। अगर ये सफल रहता है और इंसानों में इसके अच्छे परिणाम सामने आते हैं तो डायबिटीज रोगियों के उपचार की दिशा में बड़ी कामयाबी मिल सकती है।

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