नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के अंतर्गत आने वाले अबूझमाड़ के जंगल में पुलिस नक्सली मुठभेड़ में आठ नक्सलियों को फोर्स के जवानों ने मार गिराया है। इंद्रावती नदी और 400 मीटर की चार ऊंची पहाड़ियों को पार करने के बाद नक्सलियों के ठौर तक पहुंचे आठ सौ जवानों ने “ऑपरेशन सूर्य शक्ति” का शौर्य दिखाकर बहादुरी से लड़ते हुए काली वर्दीधारी हथियारबंद नक्सलियों को ढेर करने में सफलता प्राप्त किया है।
आप को बता दें कि नक्सलियों के शीर्ष लीडर मल्लेश,लक्ष्मी दीदी,प्रदीप,मासो समेत नक्सली प्लाटून नंबर 16 और इंद्रावती एरिया कमेटी के 60 नक्सलियों की घेराबंदी के लिए नारायणपुर, बीजापुर और दंतेवाड़ा जिलों से अलग-अलग करीब आठ सौ जवानों को भेजकर ऑपरेशन सूर्य शक्ति.5 लांच किया गया है। जिसके तहत पहले दिन गुरुवार को सुरक्षा बल के जवानों ने सात नक्सलियों को मार गिराया था वहीं शुक्रवार की सुबह हुई मुठभेड़ में STF के जवानों ने एक नक्सली को मार गिराया है। इस प्रकार दो दिनों तक चले मुठभेड़ में आठ नक्सलियों की मौत हैं। मारे गए सभी नक्सलियों के शव और हथियार पुलिस ने बरामद कर लिया है।
*अबूझमाड़ मुठभेड़ के साथ 117 नक्सली ढेर*
इसी दौरान नक्सलियों द्वारा फोर्स को नुकसान पहुंचाने के लिए जंगल के रास्ते में रखे गए 15 के आईईडी को सुरक्षा बल के जवानों ने बरामद किए है। मारे गए नक्सलियों की पहचान की जा रही है। मौके से बरामद आधुनिक हथियार से अनुमान लगाया जा रहा है कि इसमें इनामी और बड़े नक्सली भी शामिल है। अबूझमाड़ मुठभेड़ के साथ ही इस वर्ष बस्तर में मारे गए नक्सलियों की संख्या 117 हो गई है।
*मुठभेड़ में ऐसे मारे गए सात नक्सली*
नारायणपुर एसपी प्रभात कुमार ने बताया कि नारायणपुर, दंतेवाड़ा और बस्तर जिले के डीआरजी और बस्तर फाइटर्स के साथ एसटीएफ की अलग अलग टीम एंटी नक्सल ऑपरेशन पर निकाली गई। जिसके तहत गुरुवार की सुबह नक्सलियों के द्वारा सुरक्षाबलों पर गोलीबारी शुरू की गई। जिसके बाद जवानों ने भी मुस्तैदी से मोर्चा संभाला और नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब दिया। उन्होने बताया की दोनो तरफ़ से रुक रुक कर गोलीबारी होती रही। जिसके बाद फोर्स के द्वारा सर्च किया गया तो सात नक्सलियों के शव तथा हथियार बरामद हुए है।
*वापसी में नक्सलियों ने लगाया एंबुश*
नारायणपुर के एसपी प्रभात कुमार ने बताया कि पुलिस टीम की वापसी के दौरान पूर्व से एंबुश लगाए हुए नक्सलियों ने STF की टीम पर गोलीबारी शुरू की। STF के जवानों ने भी मुस्तैदी से मोर्चा संभाला और सुरक्षित आड़ लेते हुए जवाबी फायरिंग की कार्यवाही की। फायरिंग पश्चात सर्च में एक वर्दीधारी नक्सली का शव और हथियार बरामद हुए है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि नक्सली मुठभेड़ में कई नक्सलियों के घायल हुए हैं। वहीं करीब डेढ़ दर्जन संदेही को पकड़ा गया हैं। जिनसे पूछताछ के बाद गिरफ़्तारी की करवाई की जाएगी। मुठभेड़ के बाद घटना स्थल से बड़ी संख्या में नक्सली सामग्री भी बरामद हुए है।
*सोमवार की रात तय हुआ एनकाउंटर का ब्लू प्रिंट*
ओरछा थाना से करीब 25 किमी दूर रेकावाया गांव पहुंचने के लिए फोर्स के जवान सोमवार की रात को निकले थे। इस एनकाउंटर का ब्लू प्रिंट सोमवार की रात को ही तय हो गया था। वहीं दंतेवाड़ा जिले के बारसूर एरिया से मंगलवार को जवानों को जंगल में उतरा गया हैं। वहां से घटना स्थल की दूरी करीब 45 किलोमीटर बताई जा रही है। जंगल में इंद्रावती एरिया कमेटी के बड़े लीडरों के द्वारा गांव में बैठक लेने की सूचना के बाद उनकी घेराबंदी के लिए DRG, बस्तर फाइटर और STF के आठ जवानों को जंगल में उतरा गया हैं। जिसमे 23 मई को दो अलग अलग मुठभेड़ में सात नक्सली ढेर हुए हैं। वहीं शुक्रवार को एक नक्सली मारा गया हैं।
*मुठभेड़ के बाद वर्दी छोड़ भागे नक्सली*
पुलिस नक्सली मुठभेड़ के दौरान फोर्स का दबाव बढ़ने के बाद नक्सली अपनी वर्दी को उतार कर जंगल की ओर भाग गए । नारायणपुर के ASP रॉबिंसन गुड़िया ने बताया कि एनकाउंटर के दौरान नक्सली पुलिस की गिरफ़्तारी से बचने के लिए जंगल में वर्दी उतार कर भाग गए। उन्होंने बताया कि जंगल में सर्च अभियान के दौरान कई नक्सली वर्दी को जंगल में पड़े हुए पुलिस ने जवानों ने देखा है।
*26 दिन बाद फिर बड़ा मुठभेड़*
नारायणपुर जिले का सबसे बड़ा मुठभेड़ 28 अप्रैल को महाराष्ट्र की सीमा पर बसे टेकामेटा गांव में हुआ था। 26 दिन बाद फिर अबूझमाड़ के जंगल में नक्सलियों की घेराबंदी के बाद 8 नक्सलियों को फोर्स ने मार गिराया है। सूबे में सत्ता परिवर्तन के बाद लगातार नक्सली उन्मूलन अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत 5 महीने के अंतराल में करीब सवा 117 नक्सलियों की मौत हो चुकी है।
*7 किमी के दायरे में हुआ मुठभेड*
नक्सलियों के टॉप लीडरों की मौजूदगी की सूचना पर दंतेवाड़ा, बीजापुर और नारायणपुर से स्पेशल टीम बनाकर नक्सलियों की घेराबंदी के लिए रवाना किया गया था। नक्सलियों की घेराबंदी के लिए 7 किलोमीटर के दायरे में जवान अलग-अलग टुकड़ियों में फैले हुए थे। भीषण गर्मी में 3 दिन पैदल चलकर जवान नक्सलियों के ठिकाने तक पहुंचे और एक-एक कर 8 नक्सलियों को ढेर कर दिया है।
*शव को कांधे में उठाकर इंद्रावती नदी किया पार*
पांच दिनों तक चले ऑपरेशन के बाद मारे गए नक्सलियों के शव को लेकर जवान शुक्रवार को दोपहर दो बजे के करीब दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय पहुंचे। अबूझमाड़ से मुठभेड़ खत्म होने के बाद नक्सलियों के शवों को कांधे में उठाकर इंद्रावती नदी को पार करते हुए जवानों के वीडियो को पुलिस ने मीडिया को दिया है। भीषण गर्मी में ऑपरेशन को अंजाम देने के बाद सुरक्षा बल के सभी जवान सकुशल लौट आए हैं। बता दे कि अबूझमाड़ के टेकामेटा मुठभेड़ में करीब एक दर्जन जवानों के शरीर में पानी की कमी हो गई थीं जिन्हें हेलीकॉप्टर की मदद से जिला मुख्यालय लाया गया था। जिसके बाद पुलिस लाइन में जवानों का प्राथमिक उपचार किया गया था।
*ऑपरेशन सूर्य शक्ति का शौर्य*
2 अप्रैल: बीजापुर के गंगालूर में 13 नक्सली मारे गए
16 अप्रैल: कांकेर के छोटे बेटिया में 29 नक्सली ढेर
28 अप्रैल: अबूझमाड़ के टेकामेटा में 10 नक्सली मारे गए
10 मई: बीजापुर जिले के पीड़िया में 12 नक्सली ढेर
23 मई : नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ में 8 नक्सली हुए ढेर
