ये रायगढ़ है जनाब जहां महंगाई के नाम पर होटल वालों ने मचा रखी है लूट, कोई नियंत्रण नही

by Kakajee News

रायगढ़। छत्तीसगढ़ का रायगढ़ जिला इन दिनों सुर्खियों में है और इसका मुख्य कारण है यहां के होटल संचालकों की बढती मनमानी, यह मनमानी इस कदर है कि देखते ही देखते तीन गुना रेट बढ़ाकर ग्राहकों की जेब पर डाला डाल रहे हैं और इन्हें रोकने वाला कोई नही और इसीलिये आज रायगढ़, मुंबई, कलकत्ता, मदरास, बैंगलोर से भी महंगा है। गरीब तबके के लोग तो होटल के आसपास भी नही फटक पाते और जो होटल तक पहुंचते हैं उन्हें देखते ही देखते लूट लिया जा रहा है। आज रायगढ़ में समोसा, कचैरी, आलूचाप, कटलेट, ब्रेड पकोडा 15 रूपये का बेचा जा रहा है। इतना ही नही बडा प्लेट आप ले रहे हैं तो एक बडा पांच रूपये का बेचा जा रहा है। होटल संचालकों की यह लूट अचानक शुरू हुई है और इसे रोकने वाले अधिकारी या तो कमीशनखोरी में लगे हैं या फिर अपना हिस्सा लेकर वे चुप्पी साध चुके हैं।
रायगढ़ शहर बीते एक महीने से सबसे ज्यादा महंगा शहर बन चुका है और आश्चर्य का विषय यह है कि इस महंगे शहर में रहने वाले लोगों की जेब सुबह व शाम खाली हो रही है। लेकिन सरकार के नुमाइंदे इस मामले में जेबों पर डाका डालने वाले होटल संचालकों को खुली छूट दे चुके हैं। शहर के बड़े होटल अलंकार, चावल, तुलसी, मुरारी होटल, सुश्री होटल सहित ऐसे होटल है जहां देखते ही देखते नाश्ते के रेट दोगुना कर दिये गए हैं इतना नही चाय भी 15 रूपये की हाफ कप दी जा रही है। इतनी बडी लूट है कि बड़े होटल संचालक रातों रात लखपति बन रहे हैं। ऐसा नही है कि समोसा कचैरी, आलूचाप, बड़ा, कटलेट जैसे के दाम पहले कभी दस रूपये हुआ करते थे और अचानक इनके रेट प्रति रूपये प्रति पीस कर दी गई है और इस पर जिला प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नही की जा रही है। स्थिति यह है कि फूड एण्ड कंट्रोल विभाग के अधिकारी भी इस मामले में मौन वत्र साधे हुए है ऐसा लगता है कि उन्हें बड़े होटल संचालक अपनी कमाई का कुछ हिस्सा देकर मुंह बंद कर चुके हैं।

साईज भी कर दिया गया छोटा
मजे की बात यह है कि नाश्ते के लिये आलूचाप, समोसा, कटलेट आदि के दाम 15 रूपये प्रति पीस करने के बाद होटल संचालकों ने इनके साईज भी छोटे कर दिये हैं और ग्राहकों की जेब पर बडा डाका डालते हुए यह होटल संचालक महंगाई का हवाला देते हुए यह कहते हुए नजर आते हैं कि बाजार में तेज व घी व आलू के दाम बढ़ गए हैंे जिसके कारण उनकी मजबूरी है कि दाम बढ़ाना जरूरी हो गया है जबकि आज भी बाजार में सामानों के भाव बीते 6 महीने से उतने नही बढ़े हैं जितना दाम होटल संचालकों ने अपने सामानों का बढ़ा दिया है। 15 रूपये प्रति पीस के नाम से बेचे जाने वाले समोसा, आलूचाप, कटलेस, बडा जो छोटे दुकानों में उसी रेट में बिक रहा है और बड़े होटलों में दोगुने रेट में बिक रहा है इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि महंगाई के मारे के नाम पर ये बडे होटल संचालक कैसे अपनी मनमानी कर रहे हैं।

इटली डोसा के दाम भी दोगुने
बाजार में सुबह छोटे-छोटे ठेलों में बीस रूपये की तीन इटली छोटे व मध्यम वर्ग के लोग खाते नजर आते हैं और यही इटली डोसा अगर आप अलंकार, गणगौर, तुलसी, सुश्री, चावला, मुरारी होटल ऐसे हैं जहां जाने वाले ग्राहकों को बड़ी लूट का शिकार होना पड़ता है और वहां आज 80 से 100 रूपये प्रति प्लेट इडली डोसा की बेची जा रही है। जिला प्रशासन के बड़े अधिकारियों को इन होटलों के मालिकों द्वारा अपने आप बिना किसी अनुमति की बढाई जाने वाली कीमत के मामले में कार्रवाई की जानी चाहिए चूंकि रायगढ़ शहर में अकेले न तो कोई महंगाई इस कदर बढी है कि यहां केवल होटलों के सामानों में चारगुना वृद्धि कर दी जाए और ग्राहकों को लगातार लूट कर जेब भर रहे होटल संचालकों पर जांच के बाद कार्रवाई की जाए। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री रायगढ़ के विधायक भी हैं उनको भी इस मामले में संज्ञान लेकर जनता को लूट से राहत दिलानी चाहिए।

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