
कोरबा। अपने आप में यह एक अनोखी घटना है। छत्तीसगढ़ के संघर्षकारी मजदूर नेता कामरेड नवरंग लाल पर लिखे गए, एक फंतासी उपन्यास “कामरेड आप कहां हो” का विमोचन एक सादे समारोह में एक साधारण सामान्य से मजदूर भरत लाल बरेठ द्वारा किया गया।
आज औद्योगिक तीर्थ कोरबा अंचल के लोकप्रिय मजदूर नेता कामरेड नवरंग लाल की 22 वीं पुण्यतिथि अंचल में श्रद्धा और समर्पण के भाव के साथ मनाई गई
इस दरमियान गांधीवादी लेखक सुरेशचंद्र रोहरा द्वारा लिखित उपन्यास “कामरेड आप कहां हो का” विमोचन स्थानीय सीतामढ़ी बस्ती में रहने वाले और मजदूरी करके अपनी आजीविका चलाने वाले भरतलाल के मुख्य आतिथ्य में किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कामरेड नवरंग लाल मजदूरों के मसीहा थे। वे हमारे लिए आजीवन संघर्ष करते रहे।आज मैं स्वयं को इस महत्वपूर्ण अवसर पर धन्य मानता हूं।
कार्यक्रम में अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार विशेश्वर शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि कामरेड नवरंग लाल पर उपन्यास लिखा जाना, अपने आप में एक इतिहास है। यह एक महत्वपूर्ण कार्य है। कामरेड नवरंग लाल के योगदान का मूल्यांकन भी होना चाहिए।पुस्तक के लेखक सुरेश चंद्र रोहरा ने कहा कि कामरेड मजदूरों के किसानों और श्रमिकों के नेता थे। ऐसे में एक मजदूर के द्वारा पुस्तक के विमोचन पर मुझे हार्दिक प्रसन्नता हुई है।
कार्यक्रम में अतिथि के रूप में राम सिंह अग्रवाल, शिवशंकर अग्रवाल भी उपस्थित थे।
