प्रदेश के इस टाइगर रिजर्व के बफर जोन में ट्रैप कैमरे लगाकर वन्य प्राणियों की कर रहे गणना

by Kakajee News

बिलासपुर। अचानकमार टाइगर रिजर्व के कोर जोन के बाद अब बफर जोन में वन्य प्राणियों की गणना शुरू हो गई है। इसके लिए जोन के अंतर्गत आने वाले सभी रेंज में ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। कोर का एक रेंज लमनी छूट गया था। कुछ कैमरे यहां भी लगाए गए हैं।
राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के निर्देश पर प्रत्येक टाइगर रिजर्व को साल में दो बार वन्य प्राणियों की गणना करनी होती है। इसी के तहत अचानकमार टाइगर रिजर्व में 27 दिसंबर से गणना की शुरुआत की गई थी। इसके तहत वनकर्मी पैदल चलकर वन्य प्राणियों के पैरो के निशान, पेड़ो में खरोंच और मल व अन्य अवशेष देखकर उसे प्रारुप में भरते गए।
इसके साथ- साथ ट्रैप कैमरे लगाकर भी गणना की जा रही थी। चूंकि टाइगर रिजर्व प्रबंधन के पास ट्रैप कैमरे की कमी है। इसलिए पहले कोर जोन में सभी 336 कैमरे लगाा गए। एक जगह पर दो कैमरे लगाने का नियम है। 25 दिनों के बाद कैमरों को निकालकर बफर जोन में लगाए गए हैं। कोर जोन में लगाए कैमरे के चिप में जितने फोटो आए थे। उन सभी को सिस्टम में अपलोड किया गया। इसके साथ-साथ यह आंकलन किया जा रहा है कि कैमरे में कैद कितने वन्य प्राणी है और उनमें कौन- कौन से हैं। यही व्यवस्थ्ाा बफर जोन में 25 दिन पूरे होने के बाद रहेगी।
इसके बाद एक रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय और वहां से देहरादून भेजी जाएगी। अभी तक हुई गणना के दौरान कितने बाघ नजर नजर आए या उनकी फोटो कैद हुई। इसे प्रबंधन गोपनीय रखा है। अधिकारियों का कहना है कि इसकी पूरी रिपोर्ट बनाकर भेजी जाएगी। देहरादून से इसकी पुष्टि होगी। हालांकि उम्मीद इस बाघों की संख्या बढ़ाने की जताई गई है।

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