नदी के कैंजरा घाट पर नहाते समय गौंसिली गांव के 18 साल के करन को मगरमच्छ नदी के गहरे पानी में खींच ले गया। युवक ने मगरमच्छ से लड़ कर जान बचाई। इस दौरान बांह और सिर जख्मी हो गया।
घाट पर मंगलवार की सुबह 9 बजे युवक नहा रहे थे। इस दौरान धारा सिंह के बेटे करन के सिर पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक करन बचने के लिए भागने लगा। मगरमच्छ ने छलांग लगा कर करन की बांह को जबड़े में जकड़ लिया। वह खींच कर गहरे पानी में ले जाने लगा। करन ने हिम्मत नहीं हारी। वह मगरमच्छ से जूझने लगा। घाट पर मौजूद लोगों की मदद से जान बच सकी। हमले में बांह और सिर जख्मी हुआ है। परिजन करन को निजी अस्पताल में ले गए हैं।
बाह के रेंजर उदय प्रताप सिंह ने बताया कि मगरमच्छ के हमले की सूचना पर टीम मौके पर भेजी थी। हमला कैंजरा घाट पर मध्य प्रदेश के छोर पर हुआ है।
पिछले महीने चंबल में मगरमच्छ की नेस्टिंग हुई थी। अगले माह से हैचिंग है। उदय प्रताप सिंह के मुताबिक नेस्टिंग के बाद घोंसलों के नजदीक मानवीय गतिविधि से मगरमच्छ को अंडोंं की सुरक्षा पर खतरे का अहसास होने लगता है। इससे यह हमलावर हो जाते हैं। बाह रेंज के 40 गांवों में अलर्ट जारी किया जा चुका है। लापरवाही जानलेवा हो सकती है।
पहले भी हो चुके हैं हादसे
28 मार्च: विंडवा के करण वृद्धा के अंतिम संस्कार के बाद चंबल में नहा रहे थे। मगरमच्छ गहरे पानी में खींच ले गया। शव नहीं मिला।
25 अप्रैल: हरपुरा गांव के रामवीर सिंह को बकरियों को पानी पिलाते समय मगरमच्छ नदी के पानी में खींच ले गया। शव नहीं मिल सका।
27 अप्रैल: गौंसिली गांव के धन सिंह चंबल नदी में बकरियों को पानी पिला रहे थे। इसी दौरान मगरमच्छ बकरी को पानी में खींच ले गया।
