कोरबा। जिले में लगातार बढ़ती गर्मी और बारिश के बीच सांपों की गतिविधियों में तेजी देखी जा रही है। इसी कड़ी में रविवार की रात दो अलग-अलग स्थानों पर सांप निकलने की सूचना मिलने पर उमेश यादव और अतुल सोनी ने तत्परता दिखाते हुए सुरक्षित तरीके से दोनों सांपों का सफल रेस्क्यू किया।
पहला मामला कोरबा के मानिकपुर क्षेत्र में एक घर में 9 फिट विशालकाय अजगर सांप घुस आया मिली। घर में मौजूद परिजन घबरा गए और स्नैक कैचर की टीम ने सावधानीपूर्वक सांप को पकड़ा और उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया। यह सांप प्रजाति के अनुसार भारत के दक्षिण पूर्व एशिया में पाया जाता हैं के करैत (indian Rock python) था, जो अत्यंत आक्रामक और शिकार को दम घोंटकर खत्म कर देता है। हालांकि जहरीला नहीं होता। मकान मालिक की माने तो जंगल से लगे घर होने के कारण अक्सर सांप निकालने की घटना सामने आती रहती है।
दूसरा मामला दादर क्षेत्र के रामबाड़ा मोहल्ले में एक घर के किचन में एक दूसरा जहरीला नाग सांप दिखाई देने पर लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
मकान मालिक की माने तो रात खाना खाने के बाद जब बर्तन साफ करने गई इस दौरान बर्तनों के बीच में सांप फन फैलाएं हुआ था जिसे देखकर वह चीज पुकार मचाते हुए वहां से भाग गई और इसकी सूचना स्नेक कैचर टीम को दी गई। समय रहते अगर नजर नहीं पड़ती तो शायद सांप उसे डस लेता।
स्नैक कैचर उमेश यादव ने बताया कि मौसम की मिजाज बदलते लगातार सांप निकालने की घटनाएं सामने आ रही है जहां जहरीले प्रजाति के सांप अधिक पाए जा रहे हैं करैत और नाग सांप अधिक मात्रा में पाए जा रहे हैं अभी जिस मकान में मिला है उसकी लंबाई लगभग 7 फीट की है।
इस सूचना पर सर्पमित्र अतुल सोनी घटनास्थल पर पहुंचे और बिना किसी नुकसान के सांप को पकड़कर रेस्क्यू किया। पकड़ा गया सांप एक स्पेक्टिकल्ड कोबरा (गोहा ) था, जो इंसानों के लिए हानिकारक होता हैं
