जगदलपुर। दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल थाना क्षेत्र के जंगल में एक युवती अर्धनग्न हालात में पाई गई थी, साथ ही युवती के हाथ पैर को भी बांधा गया था, घटना की जानकारी लगने के बाद मौके पर पहुँची पुलिस ने युवती को अस्पताल भिजवाया, वही इस मामले को लेकर सायबर की मदद ली गई, जहां आरोपी पुलिस के हाथ आया। पीड़िता के हाथ पैर बांधकर जंगल में छोड़ देने वाले आरोपी को किरंदुल पुलिस ने भेजा जेल।
मामले की जानकारी देते हुए दंतेवाड़ा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आर के बर्मन ने बताया कि थाना किरन्दुल क्षेत्र के ग्राम पेरपा के जंगल में 20 जुलाई को एक पीड़िता को अर्धनग्न अवस्था में बांधकर छोड़कर भाग जाने की घटना सामने आई, मामले की जानकारी लगते ही अज्ञात आरोपी की पता तलाश शुरू कर दिया गया, वही पीड़िता घटना वाले दिन से ही कुछ नही बोल पा रही थी, इसके अलावा बारिश होने से सबूत भी मिट जाने की संभावना जताई जा रही थी, मामले की गंभीरता को देखते हुए
सायबर सेल दंतेवाड़ा द्वारा हजारों नंबरों का अवलोकन किया गया, जिसमें कुछ संदिग्ध मोबाईल नंबर धारकों से लगातार पूछताछ की जा रही थी, जांच के दौरान सतीश कुमार मरकाम 21 वर्ष निवासी ग्राम मुंडीपारा धुरली, थाना भांसी को पकड़ा गया, और उससे पूछताछ किया गया, सतीश के द्वारा बार-बार अपना बयान को बदल रहा था, आरोपी पर पुलिस को शक होने के बाद जब उससे पूछताछ किया गया तो सतीष कुमार मरकाम ने बताया कि 2-3 वर्ष पहले पीड़िता से जान पहचान हुआ था, तब से पीड़िता से एकतरफा प्यार करने के साथ ही उसे एक वर्ष पहले शादी का प्रस्ताव भी रखा था, किन्तु पीड़िता ने मना कर दिया था, इस बात से आरोपी के मन में पीड़िता से शादी करने की चाह लगातार बरकरार थी साथ ही किसी और व्यक्ति से शादी न हो इस बात लेकर घटना दिन को पीड़िता के जाने – आने की रास्ते में सतीश झाड़ियों के बीच छिपकर पीड़िता का इंतजार कर रहा था, पीड़िता को अकेला आते देख सतीश ने उसके आंख में धूल डालकर जबरदस्ती अपने साथ ले गया, साथ ही पीड़िता की बेईज्जती हो इसके लिए उसे जंगल में अर्धनग्न कर बांधकर छोड़ दिया, आरोपी ने अपने अपराध को स्वीकार कर लिया, जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया जहां से आरोपी को जेल भेजा गया,
