इंदौर, । खनिज विभाग के अमले ने बुधवार देर रात और गुरुवार तड़के छापामार कार्रवाई कर ओवरलोडिंग कर रेत ला रहे 16 डंपर पकड़े। यह रेत देवास, होशंगाबाद और सीहोर क्षेत्र से लाई जा रही थी। सभी डंपरों को जब्त कर खुड़ैल थाने पर खड़ा कराया गया है। खनिज अधिकारी जेएस भिड़े ने खनिज निरीक्षक आलोक अग्रवाल सहित सुरक्षा जवानों के साथ यह कार्रवाई की। इन डंपरों में तय मात्रा से अधिक रेत भरकर लाई जा रही थी। जो डंपर 10 घन मीटर की रॉयल्टी चुकाकर आ रहे हैं, वे 15-16 घन मीटर रेत भरकर ला रहे हैं। इसमें सर्वाधिक गड़बड़ी देवास के रेत ठेकेदार कर रहे हैं। वे सभी ओवरलोडिंग भी कर रहे हैं और रॉयल्टी की चोरी का सरकार के राजस्व का भी नुकसान कर रहे हैं। रेत की ओवरलोडिंग और रॉयल्टी की चोरी की शिकायतें लंबे समय से प्रशासन को मिल रही थी। इसीलिए कलेक्टर मनीषसिंह ने डबलचौकी के पास खनिज की जांच चौकी स्थापित कराई है। राज्य शासन को राजस्व देने वाले प्रमुख विभाग में खनिज विभाग भी है। इंदौर जिले में रेत की खदानें तो नहीं हैं, लेकिन सर्वाधिक निर्माण चलने से रेत का उपयोग बड़ी मात्रा में होता है। यहां के बिल्डर, कॉलोनाइजर और निर्माण ठेकेदार बाहर से ही रेत बुलवाते हैं। इंदौर में रेत की आपूर्ति देवास, होशंगाबाद, सीहोर से होती है। रेत कारोबारियों की मांग पर प्रशासन बड़ियाकीमा में रेत मंडी भी विकसित करने जा रहा है। यहां सनावदिया और बड़ियाकीमा गांव के बीच रेत मंडी भी विकसित की जा रही है। इसकी जिम्मेदारी नगर निगम को सौंपी गई है।
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