गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के मरवाही पुलिस ने एक 14 साल की नाबालिक बालिका की जान बचाई है। बताया जा रहा है कि बालिका अपने घर वालों से नाराज़ होकर अपने आप को 4 घंटे से रूम में बंद कर ली थी और साथ में एक धार दार हथियार भी रखी थी, जिससे किसी अनहोनी की आशंका थी।मरवाही पुलिस का मानवीय चेहरा एक बार फिर सामने आया है, जब उन्होंने सूझबूझ से 14 साल की नाबालिक बच्ची की जान बचाई।
थाना प्रभारी मरवाही शनिप रात्रे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सफल रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला। सफल रेस्क्यू के बाद थाना प्रभारी मरवाही शनिप रात्रे ने नाबालिक बच्ची को सामूदायिक स्वास्थ केंद्र मरवाही ले जाकर स्वास्थ परीक्षण भी कराया, जिससे पता चला कि बच्ची पूर्णता स्वस्थ है। मरवाही पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की जा रही है, जिन्होंने एक नाबालिक बालिका की जान बचाई है। पुलिस की इस मानवीय पहल ने एक परिवार को बड़ी मुश्किल से बचाया है।
दिनाँक 03/02/2026 को थाना मरवाही पुलिस को सूचना मिला कि एक 14 वर्षीय नाबालिग बच्ची सुबह9/00 बजे से किसी बात पर नाराज होकर कई घंटो से अपने घर में लोहे का हंसिया लेकर दरवाजा बंद करके रखी है तब उक्त सूचना को जीपीएम पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार खिलारी के निर्देशानुसार SDOP गौरेला राजेश देवांगन, SDOP मरवाही श्री श्याम सिदार को अवगत कराकर उनके मार्गदर्शन पर बिना समय गंवाए थाना प्रभारी मरवाही निरीक्षक शनिप रात्रे अपने हमराह स्टॉफ के साथ तत्काल ग्राम कुम्हारी पहुंचकर पहले बालिका के मम्मी से कारण जानने का प्रयास किया गया है, मां के द्वारा बताई की पढ़ाई करने के लिए बोली तब पढ़ने नही जाउंगी ,
मै पढ़ाई नही करूँगी, और सिर्फ मोबाइल चलाऊंगी बोल कर घर में रखे लोहे की हंसिया को पकड़ कर कुछ भी बोलोगी तो अपने आप को जान सहित खत्म कर लूंगी बोलकर सुबह 9 बजे से बिना खाना खाएं दरवाजा बंद करके रखी है, जिसे मेरे द्वारा खोलवाने का बहुत प्रयास किया गया परन्तु नही मानी तब पार्षद पुनीत प्रधान एवं मोहल्ले वालों को बुलाई पार्षद एवं मोहल्ले वाले भी मानने का प्रयास किया गया ,साथ ही बच्ची के सहेली एवं शिक्षक को बुलाकर भी मानने का प्रयास किया गया परंतु बच्ची दरवाजा नहीं खोली। बच्ची अपने आप को नुकसान न पहुँचा ले उसको ध्यान में रखते हुए मरवाही पुलिस को सूचना दिया गया तब पुलिस मौके पर पहुंच कर थाना प्रभारी एवम स्टाफ द्वारा हर संभव प्रयास किया गया परन्तु बच्ची दरवाजा नहीं खोली,
विगत 4 घण्टे से बालिका अपने आप को घर में बंद कर रखी थी जिससे बालिका के द्वारा किसी प्रकार का अनहोनी घटना कारित न करें उसे ध्यान में रख कर थाना प्रभारी निरीक्षक शनिप रात्रे के द्वारा सूझबूझ से काम लेते हुए दरवाजा को लात मारकर तोड़कर दरवाजा खोला गया और बच्ची के द्वारा अपने हाथ में रखे लोहे के हंसिया को छीन कर सकुशल निकाला गया, बच्ची की मानसिक और शारिरिक स्वास्थ्य हेतु तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मरवाही लाकर स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया , बच्ची एवं बच्ची की माँ को अच्छे से समझाईस देकर माँ को सुपुर्द किया गया ।
थाना प्रभारी निरीक्षक शनिप रात्रे के साथ सहायक उप निरीक्षक कांतिलाल वानी, प्र आर -अशोक गौतम, आर -मनोज मरावी, महिला आरक्षक कमलेश जगत की सराहनीय भूमिका रही।
