अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमान अभिषेक शर्मा ने हत्या के आरोपी मुन्ना दास महंत को धारा 302 के मामले में 7 वर्ष के सश्रम करावास की सजा सुनाई है तथा 1000 के अर्थ दंड से दंडित किए जाने का दंडादेश दिया है
मामले का संक्षिप्त विवरण बताते हुए अपर लोक अभियोजक राजेश सिंह ठाकुर ने बताया कि थाना कापू के अपराध क्रमांक 100 / 2020 के अनुसार थाना कापू अंतर्गत ग्राम कुंभी चूंआ की है जहां दिनांक 4/12/2020को दोपहर 12/30बजे अभियुक्त मुन्ना दास एवं अनिल दास के मध्य वाद विवाद और लड़ाई झगड़ा हो रहा था।जिसे देखकर मृतक पीतांबर दास बीच बचाव करने के लिए आया और उनका बाद विवाद समाप्त कराने लगा, जिस पर अभियुक्त मुन्ना दास उत्तेजित होकर कहा कि हमारे बीच में तुम बोलने वाले कौन हो और गुस्से में आकर टांगी से मृतक पीतांबर के सिर में प्राण घातक हमला कर दिया ,जिससे उसे अत्यंत गंभीर चोट आई जिसे इलाज हेतु तत्काल पत्थलगांव शासकीय अस्पताल में भर्ती किया गया था किंतु लगभग 3:00 बजे पीतांबर दास की मृत्यु हो गई जिसकी मृत्यु कीसूचना अस्पताल से थाना पत्थलगांव में दी गई थी जिसके आधार पर थाना कपू में प्रकरण दर्ज कर विवेचना की गई। विवेचना उपरांत अभियुक्त मुन्ना दास के विरुद्ध मृतक पितांबर की हत्या करने के आरोप में धारा 302 के तहत अभियोग पत्र तैयार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया था ।
माननीय अपर सत्र न्यायालय घरघोड़ा ने प्रकरण में सुनवाई करते हुए सभी साक्षियों के बयान दर्ज किए तथा प्रकरण पर गंभीरता पूर्वक विचार करते हुए उभय पक्ष के तर्क श्रवण कर अभियुक्त मुन्ना दास को गैर इरादतन हत्या करने के अपराध के अन्तर्गत धारा 304 भाग 2 के तहत दोषी करार देते हुए उसे 7 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1000 रुपए जुर्माना की सजा सुनाई उल्लेखनीय है कि माननीय न्यायालय ने मृतक पीतांबर दास की पत्नी को क्षतिपूर्ति के रूप में एक लाख रुपए विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से दिलाए जाने की अनुशंसा की है मामले में राज्य की ओर से अपर लोक अभियोजक राजेश सिंह ठाकुर ने पक्ष रखा।
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