रायगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन में जिले में चलाए जा रहे “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत लैलूंगा पुलिस द्वारा मवेशी तस्करी के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए 06 नग कृषक मवेशियों को मुक्त कराया गया है। मामले में एक आरोपी समारू यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है, आरोपी समारू ने आरोपी कुसु यादव के लिये तस्करी करना बताया है । आरोपी कुसु यादव फरार है जिसकी तलाश जारी है।
मामले के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 25.03.2026 को लैलूंगा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति द्वारा 06 नग बैल/बछड़ों को मारपीट करते हुए, बिना चारा-पानी के ग्राम कुंजारा की ओर से लैलूंगा होते हुए उड़ीसा ले जाया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी लैलूंगा उप निरीक्षक गिरधारी साव द्वारा हमराह स्टाफ एवं गवाहों के साथ अटल चौक लैलूंगा पहुंचकर घेराबंदी कर जांच की गई, जहां एक व्यक्ति 04 नग बैल एवं 02 नग बछड़ों को ले जाते पाया गया।
संदिग्ध को रोककर पूछताछ करने पर उसने अपना नाम समारू यादव पिता मुनु यादव उम्र 49 वर्ष निवासी भुईयापानी थाना लैलूंगा जिला रायगढ़ बताया। आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह उक्त मवेशियों को कुसु यादव निवासी सिहारधार थाना लैलूंगा के कहने पर उड़ीसा में बिक्री हेतु ले जा रहा था।
प्रकरण में थाना लैलूंगा में अपराध क्रमांक 100/2026 दर्ज कर आरोपी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10, 11 तथा पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 के तहत कार्रवाई की गई। आरोपी के कब्जे से 06 नग कृषक मवेशी (कीमती लगभग 53,000) एवं एक लकड़ी का डंडा जप्त कर लिया गया। जब्त मवेशियों के चारा-पानी की व्यवस्था कर उन्हें गौशाला के सुपुर्द किया गया है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। मामले में आरोपी कुसु यादव निवासी सिहारधार थाना लैलूंगा फरार है, जिसकी पतासाजी लैलूंगा पुलिस द्वारा की जा रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी एवं एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्दांत तिवारी के मार्गदर्शन में उक्त कार्रवाई की गई, जिसमें थाना प्रभारी लैलूंगा उप निरीक्षक गिरधारी साव, प्रधान आरक्षक रामप्रसाद चौहान एवं आरक्षक चमरसाय भगत की सराहनीय भूमिका रही।
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