टेंडा नवापारा: नगर के थोक व्यापारी सन्नु अग्रवाल के यहाँ प्रशासनिक अमले की आधी रात हुई छापामार कार्रवाई अब सवालों के घेरे में है। कार्रवाई को 24 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक प्रशासनिक या विभागीय अधिकारियों ने आधिकारिक रूप से यह स्पष्ट नहीं किया है कि मौके से वास्तव में क्या-क्या बरामद हुआ है।
पुष्टि के बिना बढ़ता संशय
सूत्रों का दावा है कि छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में अवैध गैस सिलेंडर और अन्य संदिग्ध सामग्रियां जब्त की गई हैं, जिसके आधार पर दुकान को सील किया गया। नियमतः ऐसी बड़ी कार्रवाई के बाद प्रशासन को जब्ती की सूची और की गई कार्रवाई का विवरण सार्वजनिक करना चाहिए, लेकिन इस मामले में अब तक “सन्नाटा” पसरा हुआ है। किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने कैमरे के सामने आकर या प्रेस नोट जारी कर बरामदगी की पुष्टि नहीं की है।
मामला ‘ठंडे बस्ते’ में डालने की कोशिश?
अधिकारियों की इस चुप्पी ने क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या पर्दे के पीछे मामले को रफा-दफा करने की बिसात बिछाई जा रही है? सूत्रों के अनुसार, कार्रवाई के बाद से ही कई सफेदपोश नेता सक्रिय हो गए हैं और प्रशासन पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है ताकि मामला आगे न बढ़े।
जनता में भारी आक्रोश
एक तरफ प्रशासन अवैध भंडारण और कालाबाजारी रोकने का दावा करता है, वहीं दूसरी तरफ रसूखदार व्यापारियों पर कार्रवाई के बाद जानकारी छिपाना विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगाता है। टेंडा नवापारा की जनता अब यह पूछ रही है कि:
आखिर छापेमारी में मिली सामग्री का ब्यौरा सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा?
क्या रसूखदार व्यापारी को बचाने के लिए विभाग तथ्यों को छिपा रहा है?

