रायगढ़ रेलवे स्टेशन पर प्रमुख ट्रेनों के ठहराव की मांग, ऐतिहासिक योगदान का सम्मान करने की अपील

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रायगढ़/रायपुर। रायगढ़ रेलवे स्टेशन पर रेल सुविधाओं के विस्तार और महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर सदन में जोरदार आवाज उठी है। राज्यसभा सांसद देवेन्द्र प्रताप सिंह ने ने रायगढ़ की ऐतिहासिक भूमिका, ब्रिटिश काल में दी गई भूमि दान और सांस्कृतिक महत्व का हवाला देते हुए रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव से तत्काल इस दिशा में ऐतिहासिक निर्णय लेने की मांग की है।

सदन में सभापति को संबोधित करते हुए राज्यसभा सदस्य श्री देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि रायगढ़ केवल एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि त्याग और दूरदर्शिता की प्रतीक भूमि है। ब्रिटिश काल में 19 सितंबर 1890 को तत्कालीन शासक राजा भूप देव सिंह ने बंगाल नागपुर रेलवे (BNR) के विस्तार के लिए 1969 एकड़ से अधिक भूमि जनहित में रेलवे को प्रदान की थी। यह योगदान आज भी क्षेत्र के विकास की नींव माना जाता है। राज्यसभा सदस्य श्री सिंह ने रायगढ़ को कला और संस्कृति का प्रमुख केंद्र बताते हुए महान कला संरक्षक राजा चक्रधर सिंह जी का जिक्र किया, जिनकी कर्मभूमि पर आज भी ‘चक्रधर समारोह’ के जरिए देश-विदेश के कलाकार एकत्र होते हैं।

उन्होंने सदन में जोर देकर कहा गया कि यह मुद्दा केवल ट्रेन रोकने का नहीं, बल्कि रायगढ़ के ऐतिहासिक योगदान का सम्मान करने का है। साथ ही, पूर्व रेल मंत्री श्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में शिलान्यास हुए प्रस्तावित रेलवे टर्मिनल को शीघ्र पूरा करने की भी मांग की गई, ताकि क्षेत्र को विकास की नई गति मिल सके।
रायगढ़वासियों को उम्मीद है कि रेल मंत्रालय इस ऐतिहासिक और वर्तमान जरूरत दोनों को ध्यान में रखते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगा।

ट्रेनों की उपेक्षा पर चिंता :
गौरतलब है कि वर्तमान में कई महत्वपूर्ण ट्रेनें रायगढ़ स्टेशन पर नहीं रुक रही हैं, जिनमें शामिल हैं :

पुणे हमसफर एक्सप्रेस (20822)
वास्को डिगामा एक्सप्रेस (17322)
ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस (12102)
पोरबंदर कवि गुरु एक्सप्रेस (12950)
मुंबई सीएसटी एम एक्सप्रेस (12870)

इन ट्रेनों के ठहराव न होने से आम यात्रियों, व्यापारियों, उद्योगपतियों और कला प्रेमियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

न्यायोचित अपेक्षा :
राज्यसभा सदस्य श्री सिंह ने रेल मंत्री से आग्रह किया कि रायगढ़ के ऐतिहासिक, औद्योगिक और सांस्कृतिक महत्व को देखते हुए सभी उल्लिखित ट्रेनों का ठहराव तत्काल सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा, “यह केवल एक मांग नहीं, बल्कि न्यायोचित अपेक्षा है। एक ऐसे क्षेत्र की, जिसने देश के रेलवे विकास में अपना अमूल्य योगदान दिया है।”

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Author: kakajee

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