खबर का असर: पंचधारी एनीकट में नहाने, तैराकी, पिकनिक व सेल्फी पर पूर्ण प्रतिबंध, उल्लंघन करने वालों पर होगी एफआईआर

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रायगढ़। रायगढ़ जिले के पंचधारी एनीकट में लगातार सामने आ रही डूबने और जनहानि की दुखद घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी मयंक चतुर्वेदी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के अंतर्गत विस्तृत निषेधाज्ञा जारी करते हुए पंचधारी एनीकट और उसके आसपास के क्षेत्रों में तैराकी, स्नान, पिकनिक, सेल्फी, वीडियोग्राफी तथा अन्य जोखिमपूर्ण गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। कल दोपहर पचधारी एनीकट में एक युवक की गहरे पानी में डूबने की खबर को काकाजी ने प्रमुखता के साथ प्रकाशित करते हुए हर साल होनें वाली मौतों को लेकर प्रमुखता के साथ खबर प्रकाशित की थी।
जारी आदेश में कहा गया है कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जल संसाधन विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा जिला प्रशासन को अवगत कराया गया कि हाल के दिनों में पंचधारी एनीकट क्षेत्र में कई दर्दनाक हादसे हुए हैं, जिनमें विशेष रूप से युवाओं और विद्यार्थियों की जान गई है। प्रशासन को प्राप्त तकनीकी एवं पुलिस रिपोर्ट में यह पता चलता है कि एनीकट की भौगोलिक संरचना अत्यंत खतरनाक है। यहां पानी का तेज बहाव, अचानक बढ़ती गहराई, काई लगी फिसलनयुक्त चट्टानें और पानी के भीतर छिपे पत्थर किसी भी जल गतिविधि को अत्यंत जोखिमपूर्ण बनाते हैं।
जिला प्रशासन ने यह भी पाया कि चेतावनी बोर्ड और निर्देशों के बावजूद बड़ी संख्या में लोग प्रतिबंधित क्षेत्रों में समूह बनाकर पिकनिक मनाने, शराब एवं अन्य मादक पदार्थों का सेवन करने, नहाने तथा रील और सेल्फी बनाने के लिए पहुंच रहे हैं, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। मानव जीवन की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता बताते हुए प्रशासन ने इन गतिविधियों पर सख्त रोक लगाने का निर्णय लिया है। जारी निषेधाज्ञा के अनुसार पंचधारी एनीकट के मुख्य जलभराव क्षेत्र, स्पिलवे, डाउनस्ट्रीम तथा आसपास के जलस्रोतों में तैरना, नहाना, कपड़े धोना, गोताखोरी करना अथवा किसी भी बहाने से पानी में उतरना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा एनीकट के किनारे, रिटेनिंग वॉल, गेट के आसपास तथा फिसलनयुक्त चट्टानों पर खड़े होकर सेल्फी लेना, वीडियोग्राफी करना, रील बनाना और फोटोग्राफी करना भी सख्ती से प्रतिबंधित किया गया है। इन स्थानों को प्रशासन ने ‘नो गो जोन’ घोषित किया है।
निषेधाज्ञा में एनीकट से 500 मीटर की परिधि में शराब, गांजा अथवा किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों के सेवन और नशे की हालत में प्रवेश को पूरी तरह वर्जित किया गया है। सुरक्षा कारणों से शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक आम नागरिकों के लिए एनीकट एवं आसपास के सुनसान क्षेत्रों में प्रवेश पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। प्रशासन ने बिना अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) रायगढ़ की पूर्व अनुमति के पंचधारी एनीकट परिसर में किसी भी प्रकार की सामूहिक पिकनिक, पार्टी, स्कूल या कॉलेज टूर के आयोजन पर भी रोक लगा दी है।
निषेधाज्ञा के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभिन्न विभागों को विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को एनीकट के मुख्य प्रवेश मार्गों पर पुलिस चेक पोस्ट स्थापित करने तथा सप्ताहांत और अवकाश के दिनों में विशेष पेट्रोलिंग और फ्लाइंग स्क्वाड तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। राजस्व एवं जल संसाधन विभाग को एनीकट के खतरनाक हिस्सों में बैरिकेडिंग और फेंसिंग कराने, बड़े बहुभाषी चेतावनी बोर्ड लगाने तथा जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सायरन बजाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। वहीं शिक्षा विभाग को सभी स्कूलों और कॉलेजों को निर्देश जारी कर विद्यार्थियों को एनीकट की ओर जाने से रोकने तथा वहां किसी भी प्रकार का शैक्षणिक भ्रमण आयोजित नहीं करने के निर्देश देने को कहा गया है।
स्थानीय निकायों, ग्राम पंचायतों और राजस्व विभाग को मुनादी कराकर आमजन को जागरूक करने तथा स्थानीय तैराकों एवं ‘आपदा मित्रों’ को आपात स्थिति के लिए अलर्ट रखने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों अथवा संस्थाओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और आगामी 60 दिनों तक अथवा आदेश वापस लिए जाने तक प्रभावशील रहेगा। जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे आदेश का पालन करते हुए स्वयं सुरक्षित रहें और दूसरों को भी सुरक्षित रखने में सहयोग करें। कल दोपहर पचधारी एनीकट में एक युवक की गहरे पानी में डूबने की खबर को काकाजी ने प्रमुखता के साथ प्रकाशित करते हुए हर साल होनें वाली मौतों को लेकर प्रमुखता के साथ खबर प्रकाशित की थी। जिसके बाद जिला प्रशासन ने इस ओर ध्यान देते हुए तत्काल इस जगह पर नहाने और फोटो वीडियो बनाने पर पूर्णत प्रतिबंध लगा दिया है।

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अंधेर नगरी चौपट राजा- यह कैसा आदेश!
शहर से सटे पचधारी एनीकट में पिछले दिनों नहाने के दौरान अलग-अलग घटना में दो युवकों की मौत के बाद जिला प्रशासन ने इस मामले में पहल करते हुए आखिरकार यहां विभिन्न गतिविधियों पर प्रतिबंद्ध लगा दिया है। प्रशासनिक स्तर पर निषेधाज्ञा जारी करते हुए पंचधारी एनीकट और उसके आसपास के क्षेत्रों में तैराकी, स्नान, पिकनिक, सेल्फी, वीडियोग्राफी तथा अन्य जोखिमपूर्ण गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। मगर यह प्रतिबंद्ध शाम 6 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक के लिये अर्थात रात्रि कालीन अवधि के लिये लगाया गया है। जो कि किसी भी स्थिति में सही निर्णय नही माना जा सकता। उल्लेखनीय रहे कि इस एनीकट में दिन के समय ही अब तक घटनाएं घटित हुई है और दिन के समय ही इस पचधारी एनीकट में मौज मस्ती के लिये भारी भीड़ जुटती है। अब सवाल उठता है कि शासन द्वारा दिन के समय प्रतिबंद्ध लगाने के स्थान पर रात्रि के समय में प्रतिबंद्ध लगाने का क्या औचित्य निकलता है। जिले के संवेदनशील कलेक्टर और जिला प्रशासन को इस मामले में फिर से संज्ञान लेने की जरूरत है। अन्यथा शहरवासी इसे अंधेर नगरी चौपट राजा का ही आदेश मानने लगेगे।

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Author: kakajee

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