रायगढ़। रायगढ़ शहर के सरला विला मार्ग पर बीते कुछ दिनों से एक बिल्डर द्वारा दिनदहाड़े अपनी बिल्डिंग में अवैध ढंग से सीढ़ी का निर्माण कार्य कराया जा रहा है, इतना ही नही जिस जगह यह बिल्डिंग बनी है वहां पार्किग का कोई अता-पता नही है, जबकि निर्माण कार्य कुछ माह पहले खत्म होनें के बाद यहां दस दुकानें निकालने के बाद लाखों रूपये में किराये पर आबंटित कर दी गई है और सभी दुकानों का सामान सड़कों पर दिख रहा है। अब जिस जगह सीढ़ी का निर्माण कार्य चल रहा है उस जगह को छुपा दिया गया है, चूंकि नगर निगम से इस निर्माण कार्य की कोई अनुमती नही है फिर भी लगातार इसका निर्माण कार्य जारी है। इतना ही नही जिस जगह एक दर्जन से भी अधिक दुकानें बनी है वहां आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिये कोई व्यवस्था नही की गई है, साथ ही साथ निगम के अधिकारियों को गलत जानकारी देकर अवैध निर्माण के जरिये बड़ी बिल्डिंग जिसे मॉल कहें तो गलत नही होगा।
नगर निगम कहने को तो शिकायत मिलने के बाद तत्काल कार्रवाई करता है। लेकिन जब मामला किसी रसूखदार का हो तो उसके अधिकारी मौन वत्र साध लेते हैं, ठीक ऐसा ही मामला पूर्व विधायक विजय अग्रवाल के पुराने के घर सामने का है, जहां साल भर पहले नीलामी में ली गई सरकारी जमीन को कुछ बड़े दलाल जो बिल्डर भी है एक साथ इस जमीन का सौदा करके खरीदने के बाद यहां आलीशान इमारत का निर्माण कार्य करवा दिया और अपनी दुकानदारी बढ़ाने के लिये दर्जनों दुकान का निर्माण वह भी दो तल्ले में करवाने के बाद पार्किग तक की व्यवस्था नही की गई। इन दुकानों को लाखों रूपये की पगड़ी लेकर लाखों रूपये प्रतिमाह किराये पर दे भी दिया गया ,इतना ही नही दो तल्ला दुकानों की सीढ़ी कहां बनी इसका कोई अता-पता नही था, लेकिन इनके पार्टनरों में झगड़े होनें के चलते एक नया पार्टनर चुपचाप नया निर्माण करते हुए किराये पर दी गई दुकान के बगल में सीढ़ी का निर्माण चुपचाप कर रहा है और इसकी अनुमती निगम से नही ली।
सूत्रों की मानें तो उक्त दलाल ने बकायदा निगम के कुछ अधिकारियों से साठगांठ करके अवैध निर्माण कार्य पर कार्रवाई नही करने के लिये सौदे बाजी कर ली है और इसीलिये धड़ल्ले से इस जगह का निर्माण जारी है। देखना यह है कि कार्रवाई के नाम पर रोजाना विज्ञप्ति जारी करने वाले निगम के अधिकारी इस मामले में दोषी पर कार्रवाई करते हैं या नही और बिना पार्किग व अवैध निर्माण करने वाले इस दलाल पर क्या कार्रवाई करते हैं यह सार्वजनिक करें।

