नेपाली नागरिकों का फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह का खुलासा होने से गोरखपुुर के कैम्पियरगंज क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। नेपाल के नागरिक भारत सरकार की योजनाओं का लाभ लेने के लिए फर्जी आधार कार्ड बनवाकर भारतीय लोगों के अधिकार में सेंध लगा रहे थे। कैम्पियरगंज क्षेत्र के गावों में भी फर्जी आधार कार्ड बनाने की आशंका जताई जा रही है।
साइबर सेल की सक्रियता से रविवार को फर्जी आधार कार्ड के सहारे योजनाओं में सेंध लगाने की कोशिश के खुलासे ने सभी को स्तब्ध हैं। पता चला है कि बैंकों में आधार लिंक कराने के बाद रकम आसानी से खाते में आ जाता था। लेकिन इस सख्ती के बाद फर्जीबाड़ा करने वालों पर शिकंजा कसा है। ग्राम पंचायतों की मोहर मिलने से भी अंदाजा लगाया जा रहा है कि गांव स्तर पर भी गड़बड़ी हुई है। कैम्पियरगंज के मोहनाग गांव निवासी विमलेश तीन भाई कमलेश और कृष्ण मोहन हैं। मोइनाबाद वन चौकी चौराहे पर विश्वकर्मा मोबाइल केयर के नाम से दुकान है। साल भर से फर्जी आधार कार्ड बनाने का धंधा चल रहा था।
रविवार को साइबर सेल और फरेंदा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में नेपाली नागरिकों का फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह का खुलासा हुआ।सात मार्च को सुबह 9 बजे फरेंदा दक्षिणी बाईपास पर पुलिस जांच पडताल में जुटी थी। इस बीच मुखबिर से सूचना मिला की फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले गैंग के सदस्य कुछ नेपाली नागरिको को टेंपो में बैठाकर कैम्पियरगंज के मोइनाबाद में एक मोबाइल की दुकान पर ले जा रहे हैं। वहां लंबे समय से आधार बनाने का धंधा संचालित था। नेपाली नागरिक कुछ कागजात लेकर वहां जा रहे थे। पुलिस टीम ने दक्षिणी बाइपास पर टेंपो को रोककर पूछताछ शुरू कर दी। टेंपो में चार नेपाली महिलाएं और दो पुरुष बैठे थे। उनसे पूछताछ शुरू हुई तो सच्चाई खुलकर सामने आ गई।
गैंग में शामिल सदस्य नेपाली नागरिकों का फर्जी आधार बनवाकर बैंक में लिंक कराने के बाद सरकारी योजनाओं का लाभ उठाते थे। अब तक सैकड़ों नेपाली नागरिकों का आधार बन चुका है। नेपाली नागरिकों की निशानदेही पर आरोपित विमलेश विश्वकर्मा निवासी मोहनाग बाजार, थाना कैंपियरगंज, दिलशाद निवासी वाल्मिकी नगर सोनौली, अमरनाथ निवासी गौतमबुद्ध नगर वार्ड नंबर 5, थाना सोनौली को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
यह सामान बरामद
आधार कार्ड बनाने के लिए नगद 60 हजार रुपया, 13 गांवों की मोहरें, दो इंकपैड, चार प्रिंटर, एक स्कैनर, एक फोटो बिवजन, दो कि-बोर्ड, दो फिंगर स्कैनर, एक आई रेटिना स्कैनर, तीन एडाप्टर, पांच मोबाइल, एक जीपीएम लोकेटर, एक हार्ड डिस्क, एक कैमरा, तीन सादे पेपर पर नेपाली नागरिको का हस्ताक्षर, छह फोटो, दो लैपटॉप, दो फर्जी आधार कार्ड, एक टेंपो, तीन सीमा कार्ड सहित अन्य सामाग्री बरामद हुई है।
आने जाने के लिए देते थे सुविधा
आधार कार्ड बनाने के दौरान नेपाली नागरिकों को मोइनाबाद चौकी तक आने जाने के लिए टेंपो की व्यवस्था थी। टेंपो चालक को एक बार दुकान पर पहुंचाने के एवज में 1500 रुपया किराया मिलता था। मोइनाबाद में ही विमलेश की विश्वकर्मा मोबाइल केयर नाम की दुकान है। उसी दुकान से आधार बनाने का धंधा चल रहा था। दिलशाद सोनौली में मनी एक्सचेंज का धंधा कर रहा था। यहीं से आधार बनाने का नेटवर्क संचालित कर रहा था।
