बूचड़खाने ले जाए जा रहे 14 बैल पकड़े गए, दो आरोपी गिरफ्तार, पशु क्रूरता और कृषिक पशु संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज

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रायगढ़ । जिले के धरमजयगढ़ क्षेत्र में कथित रूप से बूचड़खाने में बिक्री के लिए ले जाए जा रहे 14 मवेशियों को पकड़ने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों की सूचना पर सक्रिय हुए स्थानीय लोगों ने भंडारीमुड़ा के पास दो व्यक्तियों को बैलों को हांकते और पीटते हुए पकड़ा, जिसके बाद पुलिस ने पशु क्रूरता और अवैध परिवहन के आरोप में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, धरमजयगढ़ कॉलोनी निवासी बिंकल विश्वास को 20 जून की सुबह करीब 10 बजे सूचना मिली कि ग्राम भंडारीमुड़ा के पास कुछ लोग मवेशियों को पैदल हांकते हुए झारखंड की ओर ले जा रहे हैं। सूचना पर मौके पर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि कुल 07 जोड़ी (14 नग) बैल को कथित तौर पर बूचड़खाने में बेचने के उद्देश्य से ले जाया जा रहा था।
पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान सियाराम राठिया और बलराम उरांव के रूप में बताई, जो धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र के धौंराभांठा और बरपाली के निवासी हैं। जब उनसे मवेशियों की खरीद-बिक्री से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे गए, तो उन्होंने 12 जून 2026 की एक रसीद पेश की। प्रारंभिक जांच में दस्तावेज संदिग्ध पाए जाने और मवेशियों को बूचड़खाने ले जाने की आशंका के आधार पर शिकायत दर्ज कराई गई।
शिकायत में यह भी उल्लेख है कि आरोपियों ने बताया कि ये मवेशी पहले भैंसमा से धरमजयगढ़ लाए गए थे और फिर तेंदूमुड़ी से चरखापारा ले जाने के लिए उन्हें सौंपे गए थे। इसके एवज में दोनों को 1500 रुपये मजदूरी मिलने की बात कही गई।
घटना के समय युवा मोर्चा अध्यक्ष समय अग्रवाल, प्रतीक मलिक समेत अन्य लोग भी मौके पर मौजूद थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए धरमजयगढ़ पुलिस ने छत्तीसगढ़ कृषिक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 और 10 तथा पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

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Author: kakajee

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