बिलासपुर। रीवा-बिलासपुर एक्सप्रेस में सफर कर रही एक महिला यात्री से चलती ट्रेन में लाखों रुपये के सामान की लूट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। लुटेरों ने महिला का हैंडबैग छीन लिया और विरोध करने पर उसके बेटे पर पथराव कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के बाद रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार बिलासपुर के मंगला स्थित शुभम विहार सनसिटी निवासी श्रीमती अल्पना मिश्रा (39 वर्ष) अपने दो बेटों ओम मिश्रा और सिद्धि विनायक मिश्रा के साथ 20 जुलाई की रात ट्रेन क्रमांक 12248 रीवा-बिलासपुर एक्सप्रेस के स्लीपर कोच एस-4 में आरक्षित बर्थ संख्या 09, 10 और 12 पर यात्रा कर रही थीं।
प्रार्थिया के अनुसार रात करीब 1 बजे ट्रेन कटनी मुख्य स्टेशन के आउटर पर रुकी हुई थी। इसी दौरान 4 से 5 अज्ञात युवक स्लीपर कोच में चढ़ गए। महिला ने अपना हैंडबैग सीट पर कमर के पास रखा हुआ था। आरोप है कि युवकों में से एक ने बैग उठाने की कोशिश की। महिला द्वारा विरोध करने पर आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी और बैग छीनकर भाग निकले।
महिला के शोर मचाने पर उसका बड़ा बेटा ओम मिश्रा तथा अन्य यात्री आरोपियों के पीछे ट्रेन के गेट तक पहुंचे। इस दौरान आरोपियों ने अश्लील गाली-गलौज करते हुए पीछा न करने की धमकी दी और रेलवे ट्रैक के पत्थर उठाकर फेंकने लगे। पथराव में ओम मिश्रा की बाईं आंख के पास गंभीर चोट लगी, जिससे काफी रक्तस्राव होने लगा। बाद में यात्रियों ने तत्काल रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर सूचना दी।
पीड़िता ने शिकायत में बताया है कि लूटे गए हैंडबैग में करीब 2.80 लाख रुपये मूल्य का सामान रखा हुआ था, जिसमें सोने का मंगलसूत्र (लॉन्ग नेकलेस), सोने का लाकेट, 10 हजार रुपये नकद, वीवो कंपनी का मोबाइल फोन, एसबीआई एटीएम कार्ड, आधार कार्ड सहित अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल थे।
घटना की शिकायत पर जीआरपी बिलासपुर ने शून्य पर अपराध दर्ज कर मामला घटनास्थल क्षेत्राधिकार होने के कारण जीआरपी थाना कटनी (मध्यप्रदेश) को स्थानांतरित कर दिया है। पुलिस अज्ञात आरोपियों की पहचान और तलाश में जुटी हुई है।
यह घटना एक बार फिर लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। यात्रियों का कहना है कि आउटर पर ट्रेन रुकने के दौरान असामाजिक तत्वों की आवाजाही पर प्रभावी निगरानी नहीं होने से ऐसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
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