रायगढ़। शहर को जलभराव से मुक्त बनाने के लिए निगम प्रशासन द्वारा लगातार नाला-नालियों की सफाई एवं सुधार कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय ने आलोक सिटी मॉल के सामने, संजय मार्केट, सुभाष चौक मार्ग एवं शांति लॉज गली का निरीक्षण कर स्वयं मौके पर खड़े रहकर सफाई एवं जल निकासी संबंधी कार्य कराए।
निरीक्षण के दौरान आलोक सिटी मॉल के सामने स्थित नाला चैंबर पूरी तरह जाम मिला। सफाई शुरू होने पर नाला चैंबर से लगभग सात ट्रैक्टर-ट्रॉली पानी की प्लास्टिक बोतलें, डिस्पोजल सामग्री, सिंगल यूज प्लास्टिक, प्लास्टिक की शीशियां, पैकेजिंग सामग्री तथा अन्य ठोस कचरा एवं मलबा निकला। बड़ी मात्रा में जमा इस कचरे के कारण नाला पूरी तरह अवरुद्ध हो गया था, जिससे बरसात का पानी आगे नहीं बढ़ पा रहा था। इससे बरसात के दौरान संजय मार्केट और सुभाष चौक मार्ग पर जलभराव का प्रमुख कारण बन रही थी।
आयुक्त श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय ने तत्काल नाला चैंबर की पूरी सफाई कराकर जल निकासी को सुचारु कराया। इसके बाद उन्होंने शांति लॉज गली का निरीक्षण किया, जहां पाया गया कि छोटी नाली का पानी बड़े नाले तक नहीं पहुंच रहा था। समस्या के स्थायी समाधान के लिए सड़क को काटकर छोटी नाली को बड़े नाले से जोड़ा गया तथा पूरी नाली की सफाई कराकर जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाया गया। इससे क्षेत्र में वर्षा के दौरान पानी का तेजी से निकास हो सकेगा और जलभराव की समस्या में कमी आएगी।
निरीक्षण के दौरान आयुक्त श्री क्षत्रिय ने कहा कि नगर निगम नियमित रूप से नाला-नालियों की सफाई कराता है, लेकिन नागरिकों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों द्वारा प्लास्टिक बोतलें, डिस्पोजल, सिंगल यूज प्लास्टिक, थर्माकोल, पैकेजिंग सामग्री तथा अन्य ठोस कचरा नालों में फेंकने के कारण सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। यही कचरा नालों में जमा होकर जल निकासी को बाधित करता है और थोड़ी सी बारिश में भी जलभराव जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
उन्होंने कहा कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियमों का पालन करना प्रत्येक नागरिक और व्यापारी की जिम्मेदारी है। यदि कचरे का उचित पृथक्करण कर उसे डस्टबिन या नगर निगम की डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था को सौंपा जाए, तो नाला-नालियों के जाम होने की समस्या काफी हद तक खत्म हो सकती है।
आयुक्त श्री क्षत्रिय ने शहरवासियों एवं व्यापारियों से अपील करते हुए कहा कि नाला-नालियों में किसी भी प्रकार का कचरा, प्लास्टिक, डिस्पोजल या निर्माण मलबा न डालें। स्वच्छता बनाए रखना केवल नगर निगम की नहीं, बल्कि शहर में निवासरत प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। जनसहभागिता और जागरूकता से ही शहर को स्वच्छ, सुंदर एवं जलभराव मुक्त बनाया जा सकता है।
निगम प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यदि कोई व्यक्ति नाला-नालियों में कचरा फेंकते हुए दिखाई दे तो उसे समझाइश दें तथा स्वच्छता अभियान में सहभागी बनें। नगर निगम आने वाले दिनों में भी ऐसे स्थानों पर विशेष सफाई अभियान चलाकर जल निकासी व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा।
नाला-नालियों में कचरा फेंकना पड़ सकता है महंगा
निगम प्रशासन ने नागरिकों एवं व्यवसायियों से अपील की है कि वे सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियमों का पालन करें। नाला-नालियों में प्लास्टिक, डिस्पोजल, निर्माण मलबा अथवा अन्य ठोस कचरा फेंकना न केवल जलभराव का कारण बनता है, बल्कि यह नियमों का उल्लंघन भी है। ऐसे मामलों में निगम प्रशासन द्वारा नियमानुसार कार्रवाई भी की जा सकती है। स्वच्छ एवं जलभराव मुक्त रायगढ़ के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है।
सिविक सेंस में पिछड़ा रायगढ़ नगर निगम
निगम प्रशासन का कहना है कि रायगढ़ तेजी से विकसित हो रहा है, लेकिन शहर में नाला-नालियों में प्लास्टिक, डिस्पोजल, बोतलें और अन्य कचरा फेंकने की प्रवृत्ति आज भी चिंता का विषय बनी हुई है। यही लापरवाही बरसात के दौरान जलभराव, गंदगी और यातायात बाधित होने जैसी समस्याओं को जन्म देती है। किसी भी शहर की पहचान केवल सड़कों, भवनों और विकास कार्यों से नहीं होती, बल्कि वहां रहने वाले नागरिकों के सिविक सेंस से होती है। जब तक प्रत्येक नागरिक और व्यवसायी सार्वजनिक संपत्ति को अपनी संपत्ति मानकर उसकी सुरक्षा और स्वच्छता की जिम्मेदारी नहीं निभाएंगे, तब तक रायगढ़ को एक स्वच्छ, व्यवस्थित और विकसित शहर बनाने का लक्ष्य अधूरा रहेगा। स्वच्छता सर्वेक्षण में भी लोगों को काल कर सइस संबंध में फीडबैक ली जाती है, जिस पर रायगढ़ का अंक बहुत कम रहता है।
