मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र में ही जनसंपर्क विभाग की चुप्पी! आखिर किसके भरोसे पहुंचेगी सरकार की उपलब्धियां जनता तक?

by Kakajee News

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सक्रिय कार्यशैली और लगातार जनसंपर्क को लेकर प्रदेशभर में उनकी सराहना होती है। वे जहां भी जाते हैं, वहां विकास कार्यों की सौगात, नई घोषणाएं और जनहित के फैसले लेकर पहुंचते हैं। लेकिन विडंबना यह है कि उनके पुराने संसदीय क्षेत्र रायगढ़ में ही उनके कार्यक्रमों के प्रचार-प्रसार को लेकर जिला जनसंपर्क विभाग की कार्यशैली लगातार सवालों के घेरे में है।
मुख्यमंत्री जब भी रायगढ़ जिले या जिले की किसी विधानसभा में आते हैं, तब उनके दौरे की विस्तृत जानकारी, कार्यक्रमों की रूपरेखा, घोषणाएं, सौगातें और संबोधन जैसी महत्वपूर्ण सूचनाएं न तो समय पर पत्रकारों तक पहुंचाई जाती हैं और न ही आम जनता तक। इससे शासन की योजनाओं और मुख्यमंत्री के संदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार प्रभावित हो रहा है।
इसका ताजा उदाहरण गुरु पूर्णिमा के अवसर पर देखने को मिला। मुख्यमंत्री के दोपहर लगभग 12:30 बजे रायगढ़ आगमन के बाद जिला जनसंपर्क विभाग ने केवल स्वागत संबंधी एक संक्षिप्त संदेश प्रेस ग्रुप में साझा कर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान ली। इसके बाद न तो कार्यक्रम की तस्वीरें साझा की गईं, न वीडियो और न ही मुख्यमंत्री के संबोधन, घोषणाओं अथवा अन्य गतिविधियों से जुड़ी कोई अधिकृत जानकारी उपलब्ध कराई गई।
हैरानी की बात यह है कि पूर्व में पदस्थ रहे जनसंपर्क अधिकारियों की कार्यशैली इससे बिल्कुल अलग रही है। वे मीडिया से लगातार संपर्क बनाए रखते थे, कार्यक्रमों की पूरी जानकारी उपलब्ध कराते थे तथा मुख्यमंत्री के विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं के प्रभावी प्रचार-प्रसार को प्राथमिकता देते थे। लेकिन पिछले कई महीनों से स्थिति इसके विपरीत दिखाई दे रही है। पत्रकारों को केवल औपचारिक और अधूरी जानकारी देकर विभाग अपनी जिम्मेदारी से किनारा करता नजर आ रहा है।
आज भी प्रेस ग्रुप में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की फोटो और वीडियो साझा नहीं किए गए। इससे यह संदेश जा रहा है कि विभाग अपनी कार्यशैली को लेकर किसी प्रकार की जवाबदेही महसूस नहीं कर रहा। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या विभागीय अधिकारियों पर किसी प्रकार की निगरानी नहीं है, या फिर उनकी कार्यप्रणाली पर कार्रवाई करने का साहस कोई नहीं जुटा पा रहा?
जानकारों का कहना है कि रायगढ़ जनसंपर्क विभाग की इस कार्यप्रणाली से राजधानी में बैठे वरिष्ठ अधिकारी और मुख्यमंत्री कार्यालय भी अनभिज्ञ नहीं हैं। इसके बावजूद यदि स्थिति जस की तस बनी हुई है तो यह प्रशासनिक जवाबदेही पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र में ही उनकी योजनाओं, घोषणाओं और कार्यक्रमों का समुचित प्रचार-प्रसार नहीं हो पा रहा, तो फिर सरकार के “हर खबर, हर जन तक” पहुंचाने के दावे आखिर कितने प्रभावी साबित हो रहे हैं? क्या इस लापरवाही पर कभी अंकुश लगेगा, या फिर जनसंपर्क विभाग की मनमानी इसी तरह जारी रहेगी?

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