रायपुर ।राजधानी में ठगी के एक ऐसे तरीके का खुलासा हुआ है, जिसने सभी को भी हैरान कर दिया है.पहली बार रायपुर में Wash & Wash यानी Black Money Scam के जरिए करोड़ों की ठगी का मामला सामने आया है.ठगी करने वाले गिरोह की दो महिला आरोपियों को नागपुर से गिरफ्तार किया गया है.आरोपी निवेश और फंड दिलाने का झांसा देकर लोगों को फंसाते थे और नकली केमिकल के जरिए काले नोटों को असली बनाने का फर्जी प्रदर्शन कर भरोसा जीतते थे.
मामले की जांच जारी डी सी पी
क्राइम डीसीपी स्मृतिक राजनाला ने बताया कि रायपुर के तेलीबांधा थाना क्षेत्र में 1 करोड़ 13 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया था.बालोद निवासी कारोबारी उमेश कुमार सिन्हा को कंपनी विस्तार और नए प्लांट के लिए 45 करोड़ रुपये का निवेश दिलाने का झांसा दिया गया.आरोपियों ने बड़े अधिकारियों से बैठक, विदेशी परीक्षण, हाई-पावर केमिकल और फंड रिलीज जैसी अलग-अलग औपचारिकताओं के नाम पर कारोबारी से कई किश्तों में 1 करोड़ 13 लाख रुपये ले लिए.ठगी के दौरान आरोपियों ने चेन्नई और नागपुर बुलाकर काले नोटों को केमिकल और विदेशी तकनीक से असली बनाने का फर्जी प्रदर्शन भी किया.इसी Wash & Wash स्कैम के जरिए पीड़ित का भरोसा जीता गया.पुलिस की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और तेलीबांधा पुलिस ने मोबाइल नंबर, बैंक खातों और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर आरोपियों को नागपुर में ट्रेस किया। पुलिस ने कनिज फातमा उर्फ भावना पांडेय और दीपिका पालीवाल, दोनों उम्र 24 वर्ष, को गिरफ्तार किया है.आरोपियों के कब्जे से 3 मोबाइल फोन, 26 हजार रुपये नगद, ATM कार्ड और आधार कार्ड जब्त किए गए हैं.पुलिस के मुताबिक आरोपी नागपुर, लखनऊ समेत देश के कई राज्यों में इसी तरह की ठगी कर चुके हैं और करीब 15 साल से इस तरह की वारदातों को अंजाम देने की जानकारी सामने आई है.मामले में अन्य फरार आरोपियों और पूरे नेटवर्क की तलाश जारी है.तेलीबांधा थाने में आरोपियों के खिलाफ धारा 318(4), 61(2) BNS के तहत केस दर्ज किया गया है.
*बाइट- स्मृतिक राजनाला, क्राइम डीसीपी*
