रायगढ़ । जिले के धर्मजयगढ़ ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम देउरमाल (तहसील छाल/धर्मजयगढ़) में शासकीय पट्टे की जमीन की बिना अनुमति खरीद-बिक्री का एक नया मामला सामने आया है। यह विवादित जमीन घरघोड़ा-छाल मुख्य मार्ग पर स्थित है, जिसके कारण इस पर भू-माफियाओं की विशेष नजर बताई जा रही है। इस मामले में जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्टर को औपचारिक शिकायत सौंपी गई है।
मुख्य बिंदु:
बिना कलेक्टर अनुमति के सौदा: शिकायत के अनुसार, ग्राम देउरमाल स्थित खसरा नंबर 5/2 ख (रकबा 1.619 हेक्टेयर में से 1.461 हेक्टेयर) मूल रूप से शासकीय पट्टे की भूमि है। नियमों को ताक पर रखकर इसे मुस्ताक खान और अविनाश कुमार क्षत्रिय को बेच दिया गया है, जबकि इस प्रक्रिया में नियमानुसार कलेक्टर की अनुमति लेना अनिवार्य था।
प्रमुख लोकेशन: यह जमीन अत्यंत सामरिक और व्यावसायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण घरघोड़ा-छाल मुख्य मार्ग पर स्थित है, जिससे इसकी कीमत और इस पर कब्जे की कोशिशें काफी संवेदनशील बन जाती हैं।
राजस्व अभिलेखों की अनदेखी: आरोप है कि इस जमीन के खाते में कुछ अन्य वैध खातेदारों के नाम भी शामिल होने चाहिए थे, लेकिन उनके नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज किए बिना ही आपसी सांठगांठ से सौदा पूरा कर लिया गया।
स्थानीय रोष और सवाल: क्षेत्र में इस तरह के मामलों के लगातार सामने आने से स्थानीय ग्रामीणों में भारी रोष है। लोगों का सवाल है कि क्या प्रशासन इन सक्रिय भू-माफियाओं और दलालों पर नकेल कसने के लिए कोई सख्त कदम उठाएगा?
निष्कर्ष और आगे की कार्रवाई
फिलहाल, पीड़ित पक्ष और स्थानीय नागरिकों द्वारा मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या संज्ञान लेता है और अवैध रूप से बेची गई शासकीय पट्टे की इस भूमि पर क्या कार्रवाई होती है।
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