रायगढ़। रायगढ़ वन मंडल के बंगुरसिया सर्किल अंतर्गत कक्ष क्रमांक 915 स्थित तालाब के समीप जंगल में एक हाथी शावक के जन्म की पुष्टि हुई है। यह खुशखबरी उस समय सामने आई जब मंगलवार देर रात गश्त पर तैनात वन कर्मियों ने जंगल से हाथियों के तेज चिंघाड़ने की आवाजें सुनीं।
वन विभाग की टीम अगले दिन बुधवार सुबह करीब 5 बजे मौके पर पहुंची। जांच के दौरान वहां हाथी के प्रसव के बाद निकलने वाली झिल्ली (प्लेसेंटा) और खून के ताजा निशान मिले। इन साक्ष्यों के आधार पर अधिकारियों ने पुष्टि की कि जंगल में हाथी के एक स्वस्थ शावक का जन्म हुआ है।
बताया जा रहा है कि पिछले कई दिनों से हाथियों का एक बड़ा दल बंगुरसिया क्षेत्र के जंगलों में लगातार विचरण कर रहा था। माना जा रहा है कि सुरक्षित और शांत वातावरण मिलने के कारण हथिनी ने इसी इलाके को प्रसव के लिए चुना।
शावक के जन्म के बाद वन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। हथिनी और नवजात शावक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हाथियों के पूरे दल की गतिविधियों पर ड्रोन कैमरों से लगातार नजर रखी जा रही है। साथ ही वन अमला क्षेत्र में लगातार गश्त कर रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की मानवीय दखलंदाजी या अप्रिय घटना से बचा जा सके।
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि हाथियों के दल के पास जाने या उन्हें परेशान करने का प्रयास न करें तथा जंगल के आसपास आवाजाही के दौरान पूरी सावधानी बरतें। जंगल में हाथी शावक का जन्म वन्यजीव संरक्षण की दृष्टि से एक सुखद और महत्वपूर्ण घटना माना जा रहा है, जो क्षेत्र के वन पर्यावरण के अनुकूल होने का भी संकेत है।
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