फास्ट ट्रैक कोर्ट का बड़ा फैसला, मासूम के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को अंतिम सांस तक आजीवन कारावास की सजा

by Kakajee News

रायगढ़। घरघोड़ा स्थित विशेष न्यायाधीश (एफटीएससी) पॉक्सो/रेप न्यायालय ने दो वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म के जघन्य मामले में दोषी को कठोरतम सजा सुनाते हुए उसके शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक आजीवन कारावास का आदेश दिया है। न्यायालय ने आरोपी पर ₹7,000 का अर्थदंड भी लगाया है तथा पीड़ित बच्ची को ₹6 लाख की क्षतिपूर्ति दिलाने की अनुशंसा की है।
विशेष न्यायाधीश शहाबुद्दीन कुरैशी की अदालत ने आरोपी राजू महतो (पिता–विपत महतो), निवासी फत्तेपुर बिलौना, थाना औराई, जिला मुजफ्फरपुर (बिहार) को भारतीय न्याय संहिता के समकक्ष लागू प्रावधानों (तत्कालीन भारतीय दंड संहिता की धारा 376, 450) तथा पॉक्सो एक्ट की धाराओं 4 एवं 6 के तहत दोषी ठहराते हुए यह सजा सुनाई।

घटना का विवरण
अभियोजन के अनुसार, यह घटना 22 अगस्त 2023 की है। पीड़ित बच्ची की मां ने थाना पूंजीपथरा में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था कि उसका पति काम पर प्लांट गया हुआ था और वह अपने बच्चों के साथ घर पर थी। दोपहर करीब 1 बजे आरोपी राजू महतो घर पहुंचा और आराम करने की बात कही। परिचित होने के कारण महिला ने उसे घर के अंदर आराम करने की अनुमति दे दी।
कमरे में एक चटाई पर दो वर्षीय बच्ची सो रही थी। आरोपी उसी कमरे में गया। कुछ देर बाद महिला घर के पीछे पड़ोसी से बातचीत कर रही थी, तभी बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी। जब वह कमरे के पास पहुंची तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। दरवाजा खोलकर अंदर जाने पर उसने आरोपी को अर्धनग्न अवस्था में बच्ची के ऊपर पाया। महिला को देखते ही आरोपी मौके से फरार हो गया। बच्ची गंभीर रूप से घायल थी और उसके शरीर से रक्तस्राव हो रहा था।

पुलिस विवेचना और न्यायालय की सुनवाई
घटना की सूचना मिलते ही थाना पूंजीपथरा पुलिस ने अपराध क्रमांक 213/2023 दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया। विवेचना के दौरान सभी आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए गए, गवाहों के बयान दर्ज किए गए तथा आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का विस्तृत परीक्षण किया। सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए उसके शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही ₹7,000 का अर्थदंड भी लगाया।

पीड़िता को मिलेगी 6 लाख की सहायता
न्यायालय ने पीड़ित मासूम बच्ची के पुनर्वास और सहायता के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रायगढ़ के माध्यम से ₹6 लाख की क्षतिपूर्ति प्रदान किए जाने की अनुशंसा भी की है।
इस बहुचर्चित मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक श्रीमती अर्चना प्रेम मिश्रा ने प्रभावी पैरवी की, जिसके आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषसिद्ध करते हुए कठोरतम सजा सुनाई।

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