रायगढ़। रायगढ़ जिले के लैलूंगा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम कोड़ामाई में वर्ष 2021 में हुई लच्छी राम सिदार की हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायालय घरघोड़ा ने बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायालय के अपर सत्र न्यायाधीश अभिषेक शर्मा ने मृतक की पत्नी और बेटे को हत्या का दोषी ठहराते हुए दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोनों आरोपियों पर 1-1 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। साथ ही मृतक के आश्रितों को विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ के माध्यम से एक लाख रुपये की क्षतिपूर्ति राशि दिलाए जाने की अनुशंसा की है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार मामला संक्षेप इस प्रकार है कि लैलूंगा थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि 25 अगस्त 2021 की रात ग्राम कोड़ामाई निवासी लच्छी राम सिदार की मृत्यु हो गई है। सूचना मिलते ही तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक आरएन साय पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटना की जांच शुरू की।
घर के भीतर लच्छी राम सिदार मृत अवस्था में पड़ा था और आसपास खून भी फैला हुआ था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विभिन्न पहलुओं से जांच शुरू की। शुरुआती तौर पर घटना को संदिग्ध माना गया और पुलिस ने मामले की बारीकी से पड़ताल की।
पत्नी और बेटे ने मिलकर घोंटा था गला
पुलिस विवेचना के दौरान सामने आया कि मृतक की पत्नी रूधनी सिदार और उसके बेटे परमेश्वर सिदार ने मिलकर लच्छी राम की हत्या की थी। पुलिस के मुताबिक, घटना वाली रात लच्छी राम शराब के नशे में घर पहुंचा था और खाना मांग रहा था। पत्नी ने उसे खाना परोसा। खाना खाते समय वह पत्नी और बेटे को डांट-फटकार कर रहा था। इसी दौरान विवाद बढ़ गया।
विवेचना में सामने आए तथ्यों के अनुसार, विवाद इतना बढ़ गया कि मां-बेटे ने आवेश में आकर प्लास्टिक की रस्सी का फंदा बनाया और लच्छी राम के गले में डालकर दोनों तरफ से खींच दिया। इससे दम घुटने के कारण उसकी मौत हो गई।
हत्या को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश
हत्या के बाद आरोपियों ने घटना को आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस की सतर्कता और जांच में घटना की वास्तविकता सामने आ गई। तत्कालीन विवेचना अधिकारी आरएन साय ने मामले की विस्तृत जांच पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 302 भारतीय दंड संहिता के तहत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर दोष सिद्ध
मामले की सुनवाई के दौरान अपर सत्र न्यायालय घरघोड़ा ने अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयान दर्ज किए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी रूधनी सिदार और परमेश्वर सिदार को लच्छी राम सिदार की हत्या का दोषी पाया।
न्यायालय ने दोनों को आजीवन कारावास तथा 1-1 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया। वहीं मृतक के आश्रितों को राहत प्रदान करने के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ के माध्यम से एक लाख रुपये क्षतिपूर्ति दिलाए जाने की अनुशंसा भी की गई है। मामले में राज्य की ओर से अपर लोक अभियोजक राजेश सिंह ठाकुर ने पैरवी की।
