बिलासपुर। रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन में शामिल माफियाओं के ऊपर नकेल कसते हुए खनिज विभाग ने सोमवार को सुबह कार्रवाई शुरू कर दी है। कछार और निरतू रेत घाट में अवैध उत्खनन करते पोकलेन मशीन के अलावा एक दर्जन से अधिक भारी वाहनों की जब्ती बनाई है। जब्ती की कार्रवाई चल रही है। जिस रेत घाट से उत्खनन और परिवहन का ठेका ठेकेदारों को मिला है उसे सुरक्षित रखते हुए आसपास से रेत की बेतहाशा खोदाई करा रहे हैं। सीमांकन के दौरान इस तरह की गड़बड़ी सामने आई है।
सोमवार को सुबह के वक्त खनिज विभाग के अमले ने रेत माफियाओं पर बड़ी कार्रवाई की। कछार ओर निरतू रेत घाट में रेत का अवैध खोदाई और परिवहन जोरों से चल रहा है। जानकारी के अनुसार इन दोनों घाटों में खनिज विभाग ने करीब सात एकड़ जमीन रेत उत्खनन के लिए ठेके पर दिया है। ठेके की अवधि तीन वर्ष है। अचरज की बात ये कि अपने हिस्से के रेत घाट को ठेकेदारों ने अब तक सुरक्षित रखा है और आसपास के इलाके से धड़ल्ले के साथ रेत का उत्खनन कर रहे हैं। 40 से 45 एकड़ आसपास के क्षेत्र से रेत की बेतहाशा खोदाई कर रहे हैं। औचक निरीक्षण के दौरान इन दोनों घाटों से रेत की खोदाई और परिवहन करते लोग पकड़े गए हैं। रेत की खोदाई के लिए उपयोग किए जाने वाले चार पोकलेन मशीन,एक दर्जन से अधिक ट्रैक्टर व इतने ही हाइवा की जब्ती बनाई गई हैं खनिज विभाग को प्रारंभिक पूछताछ के दौरान जानकारी मिली है कि रेत घाट में रेत का उत्खनन और परिवहन करते पकड़ी गई गाड़ियां ऋषभ और संजय की है। खनिज विभाग के अमले को श्रमिकों ने बताया कि सौरभ और संजय के आदेश पर ही रेत की खोदाई और परिवहन किया जा रहा है। श्रमिकों ने बताया कि इन घाटों में दो से तीन शिफ्ट में श्रमिक दिन रात काम कर रहे हैं। खनिज विभाग उप संचालक डीके मिश्रा ने छापामार कार्रवाई की पुष्टि की है। साथ ही यह भी कहा है कि अवैध उत्खनन और परिवहन को लेकर लगातार कार्रवाई की जाएगी।
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