रायगढ़. गोमर्डा अभ्यारण्य में आए दिन शिकार के मामले सूनने को मिलते हैं, पर वन अमला भी अभ्यारण्य क्षेत्र में पूरी तरह सक्रिय हो चुकी है और यही कारण है कि बीते रात करंट से एक साम्हर का शिकार करने वाले दो शिकारियों को वनअमला ने धरदबोचा है। मामले में अपराध कायम कर आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा रही है।
इस संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम भालूपानी निवासी शनिराम पिता दयासागर बरिहा व परमानंद पिता हीरालाल बरिहा 19 मार्च को वन्यप्राणी के शिकार के लिए चांटीपाली सर्किल के मल्दा बीट के कक्ष क्र942 पीएफ के करीब खेत से जंगल में ग्यारह हजार केव्ही विद्युत लाईन से तार बिछाया था। इसी दौरान एक साम्हर उस करंट प्रवाहित तार की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई। इसके बाद वन अमला को मुखबिर से शिकार करने की जानकारी हुई, तो वन विभाग के उच्चाधिकारियांे के निर्देश पर तत्काल गोमर्डा अभ्यारण्य बरमकेला रेंजर सुरेन्द्र अजय, चांटीपाली सर्किल प्रभारी हीरालाल नायक ने अपनी टीम तैयार की और शिकारियों को धरदबोचने के लिए योजनाबद्ध तरीके से उनकी खोजबीन शुरू की। जहां बीते रात साम्हर का शिकार करने वाला शिकारी शनिराम व परमानंद को वन अमला ने धरदबोचा। उनके पास से साम्हर का मांस भी बरामद कर लिया गया। बताया जा रहा है कि साम्हर लगभग साढ़े तीन साल का था। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि शनिराम व परमानंद आदतन शिकारी हैं और इससे पहले भी इन्हें पकड़ा गया था। फिलहाल मामले में आरोपियों के खिलाफ पीओआर दर्ज कर न्यायालय चालान की कार्रवाई की जा रही है। उक्त मामले में आरेापियों को धरदबोचने में बरमकेला रेंजर सुरेन्द्र अजय, सर्किल प्रभारी चांटीपाली हीरालाल नायक, हीरालाल चौधरी करमसिंह राठिया व अन्य चौकीदारों की अहम भूमिका रही।
अभ्यारण्य क्षेत्र में दो अन्य साम्हर की भी मौत
गोमर्डा अभ्यारण्य सारंगढ़ वन परिक्षेत्र के अंर्तगत सोमवार को दो साम्हर की मौत हो गई। जिसकी सूचना मिलने के बाद वन अमला द्वारा मौके का निरीक्षण किया गया। जहां प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आयी कि कक्ष क्र. 883 पीएफ के अंतर्गत बारिद नारा के निकट दो व्यस्क नर साम्हर जिनके सिंग आपस में कांटा तारी से गुथे हुए हैं और शरीर पर आपसी संघर्ष के निशान दिख रहे हैं। यह भी बताया जा रहा है कि वहीं ग्राम रापागुला के पुनीराम सिदार पिता लाल संवरा सिदार जिसके द्वारा वनभूमि पर अतिक्रमण करते हुए वन्यप्राणियों से सुरक्षित रखने के लिए कांटा तार का घेरा किया गया है और साम्हर के आपसी संघर्ष के दौरान वही कांटा तार उनके सिंगो में उलझ गया। इससे दमघुट जाने से उनकी मौत हो गई। मामले में अतिक्रमणकारी के खिलापफ वन्यप्राणी अधिनियम 1972 केे तहत प्राथमिकी दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
वर्सन
बरमकेला रेंज में साम्हर का शिकार करने वाले दो शिकारियों को धरदबोचा गया है। उनके पास से मांस भी बरामद किया गया है। ये आदतन शिकारी हैं, जो पहले भी पकड़े जा चुके हैं। किसी भी प्रकार से वन अपराध न हो इसके लिए लगातार कार्रवाई जारी है।
प्रणय मिश्रा
डीएफओ, वन मंडल रायगढ़
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