प्रदेश ही नहीं पूरे देश में इन दिनों कोरोना संक्रमण से कोहराम मचा है। दिन पर दिन बढ़ रहे कोरोना वायरस के संक्रमण ने कहर बरपा रखा है। कोरोना से हो रही मौतों की संख्या बढ़ती जा रही है। श्मशान घाट में लाशों का ढेर लगा हुआ। चिता को जलाने के लिए लोगों को लाइन लगानी पड़ रही है। कोरोना का डर लोगों के जेहन में इस कदर बैठ गया है कि साधारण मौत पर भी लोग शव के पास जाने से कतरा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला यूपी के लखीमपुर खीरी जिले से सामने आया है। यहां एक के बाद तीन मौतों ने परिवार को पहले ही झकझोर कर रख दिया है। कोरोना के चलते शव को उठाना तो दूर लोगों ने उसके पास तक आने तक ही जेहमत नहीं उठाई।
लखीमपुरखीरी के मोहल्ला शांतिनगर में आठ घंटे में तीन भाइयों ने दुनिया को अलविदा कह दिया। तीनों भाई पेशे से व्यापारी थे। बताते हैं कि शुक्रवार सुबह एक व्यापारी की मौत हो गई, दो भाइयों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पहले भाई की मौत के बाद परिवार वालों ने उसकी चिता का अंतिम संस्कार कर दिया। एक भाई का अंतिम संस्कार करके परिवार के अन्य लोग लौटे ही थे कि अस्पताल में भर्ती दोनों भाइयों ने भी दम तोड़ दिया। एक के बाद तीन मौतों ने परिवार को मानों हिलाकर रख दिया हो। अचानक हुई तीन भाइयों की मौत ने लोगों के मन में कोरोना का डर फैल गया। आसपास के लोगों ने शवों के पास जाने से तक से इनकार कर दिया। दोनों की मौत के बाद उन्हें जब पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया तो पोस्टमार्टम करने से भी इनकार कर दिया गया। उधर मोहल्लों वालों ने पैसा इकट्ठा करके लावारिस लाश ढोने वाले कमरुद्दीन को बुलाया। उसे पैसा देकर दोनों के शवों को लावरिस में अंतिम संस्कार करवाया। अस्पताल प्रशासन ने कोरोना से मौत होने की बात से इनकार किया है। हालांकि तीनों की मौत कैसे हुई अभी इसकी जानकारी नहीं हो पाई है।
तीन भाइयों की मौत से घर में पसरा सन्नाटा
शहर के संतोष नगर निवासी व्यापारी सुशील अग्रवाल, अनिल अग्रवाल और अतुल अग्रवाल की मेला रोड पर आरा मशीन चलती है। तीनों भाइयों के बच्चे नहीं है। सुशील ने एक लड़की, अतुल और अनिल ने एक-एक लड़का गोद लिया था। शुक्रवार की सुबह सबसे पहले छोटे भाई अतुल की मौत हो गई। अतुल की शादी नहीं हुई थी। पड़ोसियों के सहयोग से शव श्मशान घाट तक पहुंचाया गया। अंतिम संस्कार के बाद शाम होते-होते बड़े भाई सुशील की भी मौत हो गई। कुछ लोग दोनों की मौत का कारण समझ पाते कि तीसरे भाई ने भी दम तोड़ दिया। एक साथ तीन मौतों से पूरे मोहल्ले चीत्कार मच गई।
