रायगढ़। तीन दिन पहले हमने अपने पाठकों को बताया था कि कैसे रायगढ़ जिले में कोयले की तस्करी के पीछे बड़े लोग शामिल होकर बकायदा अरबपति बन रहे हैं और इस खेल में दर्जनों ऐसे लोग है जो समाज में सफेदपोश बनकर वाहवाही लूट रहे हैं पर इन्हीं के कारनामों के चलते रोजाना कोयले की अवैध तस्करी का बड़ा खेल चलता है और कार्रवाई के नाम पर ना तो प्रशासन इन पर हाथ डालता है और ना ही पुलिस इस मामले में कभी आने जाने वाले कोयले से भरे वाहनों के कागजात चेक करती है और यही कारण है कि प्रतिदिन ट्रांसपोर्ट के माध्यम से जिले के कई उद्योगों में चोरी का कोयला धडल्ले से खपाया जा रहा है।
जानकार सूत्र बताते हैं कि रायगढ़ के गेरवानी क्षेत्र से लगे कई इलाकों के अलावा अन्य जगहों में सेठों के कोयले के डंपित पाइंट है और इस डंपिंग पाइंट में अलग-अलग खदानों से आने वाले कोयले की बिल्टी में हेराफेरी करके यहां कोयले की मिलावट की जाती है और इसके बाद शुरू होता है उद्योगों तक पहुंचाने का बड़ा खेल। डंपिंग पाइंट से कोयले से भरी गाडियां रातों-रात निकलती है और उद्योगों के भीतर अपना कोयला अनलोड करके वापस आ जाती है। हम आपको बता दें कि इस कारोबार में सबसे बड़ी बात यह है कि वैध और अवैध कोयले की बड़ी खेप पर ही कोयला तस्करों का बड़ा कारोबार टिका हुआ है, चूंकि उन्हें मालूम है कि वैध कागजातों के नाम पर कोयला का परिवहन करके उसमें जो हेरफेर किया जा सकता है वह आसान इसलिये है कि दो या तीन सेटिंग में अवैध ट्रांसपोटिंग के जरिये एक जगह से दूसरे उद्योग तक जाने वाले कोयले को वैध बताने के लिये भी सेटिंग हो जाती है और यही कारण है की बीते कई सालों से कोयले की तस्करी में लिप्त चेहरे बेनकाब नही हो पा रहे हैं।
हम आपकों यह भी बता दें कि पूर्व में कांग्रेस सरकार में कोयला के फर्जी कारोबार में शामिल कुछ लोगों का बड़ा सिंडिकेट भाजपा के साथ मिलकर अपना कारोबार बढ़ा चुका है, सरकार बदलने के बाद बड़े जोर शोर से यह प्रचारित किया जा रहा था कि कोयले के घोटाले में शामिल लोगों को जेल में डाला जाएगा लेकिन रायगढ जिले के कोई भी कोयला तस्कर जो इस घोटाले में शामिल था वह बड़े आराम से घुम रहे हैं और यही कारण है कि सरकार के कथनी और करनी का बड़ा अंतर दिखने के चलते यह काले हीरे का कारोबार जारी है। जिले के ईमानदार अधिकारी इस मामले में अगर कार्रवाई करते हैं तो रोजाना सौ से अधिक वाहनों में अवैध कोयला का कारोबार सामने आएगा पर कार्रवाई के नाम पर कौन आगे आयेगा यही सबसे बड़ा सवाल है। क्रमशः


