कोरोना महामारी का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। वायरस की वजह से कई लोगों ने अपनों को खो दिया है। इस दौरान कई ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं जो दिल को झकझोर कर रख देती हैं। ऐसा ही एक मामला अररिया से सामने आया है। यहां पिता की मौत के चार दिन बाद बच्चों के सिर से मां का साया भी चला गया।
जिले के रानीगंज के पीएचसी प्रभारी और बिशनपुर पंचायत के मुखिया ने इसकी पुष्टि की है। महिला की मौत होने पर कोरोना संक्रमण की वजह से कोई भी अंतिम संस्कार के लिए आगे नहीं आया। ऐसे में दंपति की दो बेटियों और एक बेटे ने इसका बीड़ा उठाया। बड़ी बेटी ने पीपीई किट पहनकर गड्ढा खोदा और उसमें मां को दफना दिया।
28 अप्रैल को पॉजिटिव आई थी रिपोर्ट
जानकारी के अनुसार, दंपति बिशनपुर पंचायत में रहते थे। 28 अप्रैल को उन्होंने कोरोना टेस्ट कराया था जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके बाद पूर्णिया के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान सोमवार को पति की मौत हो गई। पूर्णिया में उनका अंतिम संस्कार किया गया। पति की मौत के बाद पत्नी की हालत बिगड़ने लगी।
चार दिन बाद पत्नी ने तोड़ा दम
महिला की गुरुवार से ही तबीयत बिगड़ने लगी। इसके बाद उन्हें रानीगंज रेफरल अस्पताल फिर फॉरबिसगंज कोविड केयर सेंटर और वहां से मधेपुरा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। पति की मौत के बाद शुक्रवार को पत्नी ने भी दम तोड़ दिया। इसके बाद महिला के शव को गांव लाया गया। कोरोना की वजह से अंतिम संस्कार के लिए गांव या समाज का कोई व्यक्ति आगे नहीं आया।
बड़ी बेटी ने गड्ढा खोदकर मां को दफनाया
छोटे-छोटे बच्चों ने खुद मां के अंतिम संस्कार की तैयारी की। बड़ी बेटी ने खुद किसी तरह से गड्ढा खोदा और पीपीई किट पहनकर मां के शव को उसमें दफनाया।
