तीसरी लहर से पहले खुशखबरी: देश में बच्चों को इसी माह से मिल सकेगी वैक्सीन, जानें कहां तक पहुंची है तैयारी

by Kakajee News

कोरोना के तीसरी लहर के बच्चों के लिए ज्यादा घातक होने की खबरों के बीच एक अच्छी खबर यह है कि बच्चों के लिए भी देश में जल्द वैक्सीन उपलब्ध हो सकती है। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को संकेत दिए हैं कि बच्चों के लिए कोरोना टीका इसी महीने आ सकता है। सरकार के मुताबिक, जायडस कैडिला के टीके को जल्द मंजूरी दी जा सकती है, जिसके परीक्षण 12-18 साल की आयु के बच्चों पर भी हुए हैं।
नीति आयोग के सदस्य डॉ वीके पॉल ने शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि अभी कोवैक्सीन के बच्चों पर परीक्षण शुरू हुए हैं, लेकिन उसके पूरे होने में ज्यादा समय नहीं लगेगा, क्योंकि परीक्षण प्रतिरोधक क्षमता के होते हैं। जबकि जायडस कैडिला के टीके के परीक्षण बच्चों पर हो चुके हैं। उम्मीद है कि अगले दो सप्ताह में वह लाइसेंस के लिए आ सकती है। टीके को मंजूरी देते समय इसे बच्चों को देने पर भी निर्णय लिया जा सकता है।

परीक्षण में 800-100 बच्चे भी शामिल
जायडस कैडिला की वैक्सीन के तीसरे चरण के परीक्षण पूरे चुके हैं। इसके परीक्षण में 800-100 बच्चे भी शामिल हैं, जिनकी उम्र 12-18 साल के बीच है। इसलिए इस टीके को 12-18 साल के आयु वर्ग के बच्चों के लिए भी मंजूरी मिलने के प्रबल आसार हैं और पॉल ने भी ऐसे संकेत दिए हैं। हालांकि, अंतिम फैसला एक विशेषज्ञ समूह परीक्षण के आंकड़ों के आधार पर करता है। यदि दो सप्ताह के भीतर वह लाइसेंस के लिए आवेदन करता है तो मुश्किल से एक सप्ताह और मंजूरी की प्रक्रिया में लगेगा। यानी इसी महीने टीका उपलब्ध हो सकता है।

कैडिला की क्षमता
कैडिला की प्रतिमाह 1-2 करोड़ टीका तैयार करने की क्षमता है, लेकिन उसने कहा है कि वह अगले छह महीनों में बढ़ाकर इसे 2.5-3 करोड़ तक कर देगा।

और छोटे बच्चों पर तैयारी
अगले चरण में कैडिला 12 साल से कम उम्र के बच्चों पर परीक्षण करेगी। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, तीनों चरण के परीक्षण पूरे हो चुके हैं तथा आंकड़े जुटाए जा रहे, जल्द आवेदन करेंगे

तीन खुराक वाला टीका
कैडिला का टीका तीन खुराक वाला है। यह त्वचा में दिया जाने वाला इंट्राडर्मल टीका है। इसे इंजेक्शन के जरिये नहीं दिया जाता है, बल्कि एक अलग डिवाइस से चमड़ी में डाला जाता है। इसलिए बच्चों के लिए यह टीका ज्यादा उपयोगी होगा। अगले चरण में कैडिला इसका परीक्षण 12 साल से छोटे उम्र के बच्चों पर भी करेगा। टीके को केंद्र सरकार के नेशनल बॉयोफॉर्मा मिशन के तहत सहायता दी गई है। कैडिला के प्रवक्ता ने कहा कि टीके के तीनों चरण के परीक्षण पूरे हो चुके हैं तथा आंकड़े एकत्र किए जा रहे हैं। उसके बाद मंजूरी के लिए ड्रग कंट्रोलर को आवेदन किया जाएगा।

वैरिएंट पर भी परीक्षण
इस टीके की एक खास बात यह है कि इसे यूके, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका के अलावा डबल वैरिएंट पर भी हाल में अपडेट किया गया है।

28 हजार पर परीक्षण
टीके के परीक्षण करीब 28 हजार लोगों पर हुए हैं, जिनमें एक हजार के करीब 12-18 साल के बच्चे हैं।

25-26 करोड़ टीके चाहिए
वीके पॉल ने कहा कि बच्चों में टीकाकरण शुरू करने से पहले पर्याप्त मात्रा में टीके की उपलब्धता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 12-18 साल के आयु वर्ग में भी 13-14 करोड़ की आबादी है। उनके लिए कम से कम 25-26 करोड़ टीके चाहिए। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में कई टीके उपलब्ध होंगे तो इसमें आसानी होगी।

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