अध्ययन: कोविड रोगियों में देखी जा रही है यह गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी, कहीं आप में भी तो नहीं हैं ऐसे लक्षण?

by Kakajee News

कोरोना वायरस लोगों को शारीरिक और मानिसक दोनों रूपों से प्रभावित कर रहा है। वायरस में नए म्यूटेशन के कारण लोगों को तरह-तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में हुए एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया है कि कोरोना वायरस के कारण लोगों में एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्या देखने को मिल रही है। वैज्ञानिकों का कहना है कि कोविड-19 से ठीक हो रहे लोगों को विशेष देखभाल और निगरानी की आवश्यकता है, क्योंकि वायरस मस्तिष्क को गंभीर नुकसान पहुंचा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस अध्ययन के माध्यम से  कोविड-19 के न्यूरोलॉजिकल स्वास्थ्य पर अल्पकालिक और दीर्घकालिक प्रभावों के बारे में बेहतर जानकारी प्राप्त करने में मदद मिल सकती है।
आइए इस लेख में जानते हैं कि वैज्ञानिक कोरोना से ठीक हो चुके रोगियों में स्वास्थ्य संबंधी किस खतरे को लेकर सचेत कर रहे हैं, साथ ही इससे बचाव के किन उपायों को प्रयोग में लाया जा सकता है?

रोगियों में देखे जा रहे हैं अल्जाइमर रोग के लक्षण
हालिया दिनों में हुए तमाम अध्ययनों में कोरोना वायरस के कारण होने वाली तमाम जटिलताओं के बारे में जानने को मिला है। इसी क्रम में क्लीवलैंड क्लिनिक द्वारा किए गए एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने कोविड-19 के कारण उत्पन्न न्यूरोलॉजिकल समस्याओं के बारे में लोगों को सचेत किया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से शोधकर्ताओं ने कोविड-19 के रोगियों में अल्जाइमर रोग जैसी गंभीर समस्या का पता लगाया है।

जीन की सक्रियता में देखी गई कमी
अध्ययन के दौरान वैज्ञानिकों ने पाया कि जिन लोगों में आनुवंशिक रूप से अल्जाइमर का जोखिम था उनमें एंटीवायरल डिफेंस जीन की सक्रियता कम देखी गई, इस वजह से रोगियों को कोविड-19 संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील भी पाया गया। अध्ययन के प्रमुख लेखक प्रो फीक्सियोंग चेंग बताते हैं, कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि सार्स-सीओवी-2 वायरस मस्तिष्क की कोशिकाओं को सीधे तौर से प्रभावित करता है। हमारे लिए फिलहाल यह जानना ज्यादा महत्वपूर्ण है कि कोविड-19 और न्यूरोलॉजिकल समस्याएं किस प्रकार से जुड़ी हुई हैं? इसी आधार पर निकट भविष्य में रोगियों के उपचार में मदद मिल सकती है।

मस्तिष्क कोशिकाओं को क्षति पहुंचा रहा है वायरस
डॉ चेंग कहते हैं, इस अध्ययन के दौरान हमने पाया कि सार्स-सीओवी-2 वायरस अल्जाइमर और इससे संबंधित अन्य समस्याओं का कारक हो सकता है। अध्ययन के निष्कर्षों के आधार पर कहा जा सकता है कि  यह वायरस कई तरह के जीन और कोशिकाओं को प्रभावित कर रहा है जिससे अल्जाइमर रोग का खतरा बढ़ जाता है। कोरोना से ठीक हो चुके रोगियों की निगरानी आवश्यक है, अल्जाइमर के लक्षणों की पहचान कर उसका उपचार किया जाना चाहिए।

अल्जाइमर रोग के लक्षण
कोरोना रोगियों में अल्जाइमर और इससे संबंधित अन्य खतरे के बारे में जानने के लिए हमने वरिष्ठ मनोरोग विशेषज्ञ डॉ सत्यकांत त्रिवेदी से बातचीत की। डॉ सत्यकांत बताते हैं कि कोविड संक्रमण के कारण याददाश्त संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ा है। इस अध्ययन से पता चलता है कि कोरोना वायरस कई तरह से मस्तिष्क की तंत्रिकाओं को प्रभावित कर अल्जाइमर जैसे रोगों का कारण बन सकता है। सामान्य तौर पर इन लक्षणों के आधार पर अल्जाइमर रोग की पहचान की जा सकती है।
याददाश्त की कमी और भ्रम की स्थिति।
नई चीजें सीखने में असमर्थता।
भाषा के साथ कठिनाई जैसे पढ़ने, लिखने और समझने में समस्या।
चीजों पर ध्यान केंद्रित न कर पाना।
नई परिस्थितियों का सामना करने में समस्या महसूस होना।

यह टिप्स हो सकते हैं फायदेमंद
डॉ सत्यकांत बताते हैं चूंकि कोरोना कई तरह की मानसिक समस्याओं का भी कारण बन रहा है ऐसे में इन बातों का ध्यान रखना बहुत महत्वपूर्ण है।
अगर आपके घर पर कोई डिमेंशिया का मरीज है तो उसका विशेष ख्याल रखें।
कोविड अनुकूल व्यवहार रखते हुए उन्हें वैक्सीन जरूर लगवाएं ताकि वे इस संक्रमण से बच सकें।
संक्रमण हो जाने पर बिना डाक्टरी सलाह के घर पर इलाज न करें।
रोगी के ब्लड प्रेशर और शुगर के स्तर को नियंत्रित रखने की कोशिश करते रहें।

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