डॉ. परवेश मलिक
फिजिशियन, सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, एमडी (जनरल मेडिसिन)
विटामिन कई प्रकार के होते हैं और सभी शरीर के लिए बहुत ही जरूरी होते हैं। ये शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। विटामिन-बी12 भी शरीर के लिए जरूरी विटामिन्स में से एक है। शरीर में रेड ब्लड सेल्स यानी श्वेत रक्त कोशिकाओं के निर्माण में इस विटामिन की जरूर पड़ती है, जिससे एनीमिया से बचने और उसे रोकने में मदद मिलती है। इसके अलावा यह विटामिन त्वचा और बालों के लिए भी फायदेमंद होता है। वैसे लोगों में इसकी कमी होना आम बात है, लेकिन इससे कई तरह की बीमारियां भी हो सकती हैं, इसलिए इसके लक्षणों पर ध्यान देने की जरूरत होती है, जिससे पता चल सके कि शरीर में विटामिन-बी12 की कमी है और उसे पूरा करने की जरूरत है। कुछ खाद्य पदार्थों में यह विटामिन प्राकृतिक रूप से पाया जाता है, इसलिए उन्हें अपने आहार में शामिल करना बहुत ही जरूरी होता है। आइए जानते हैं विटामिन-बी12 की कमी के लक्षण और उससे होने वाली बीमारियों के बारे में…
विटामिन-बी12 की कमी के लक्षण
थकान, कमजोरी
कब्ज
भूख कम लगना
वजन घटना
याददाश्त कमजोर होना
मुंह या जीभ में दर्द
घबराहट, चिड़चिड़ापन
हाथ और पैरों में सुन्नता और झुनझुनी
घाव का जल्दी न भरना
विटामिन-बी12 की कमी से होने वाली समस्याएं और रोग
एनीमिया
हड्डियों से संबंधित बीमारी
डिमेंशिया
भूलने की बीमारी
तंत्रिका तंत्र को अधिक क्षति पहुंचना
महिलाओं में अस्थायी बांझपन
पेट से संबंधित बीमारियां (क्रॉन रोग)
विटामिन-बी12 के स्रोत
मछली, मांस, चिकन, अंडा, दूध और इससे बने उत्पादों में विटामिन-बी12 पाया जाता है, यानी मुख्य रूप से यह विटामिन पशु-आधारित फूड्स में पाया जाता है। इसलिए शाकाहारी लोगों में इस विटामिन की कमी की संभावना अधिक होती है।
अधिक विटामिन-बी12 लेने से क्या नुकसान?
अधिक मात्रा में विटामिन-बी12 लेने से आप बीमार तो नहीं पड़ेंगे, लेकिन शरीर में इसका अधिक स्तर लिवर की बीमारी, किडनी फेल होना और कुछ प्रकार के ब्लड कैंसर जैसे- म्येलोसाइटिक ल्यूकेमिया जैसी बीमारियों का लक्षण हो सकता है। इसलिए इस बारे में आपको डॉक्टर से सलाह लेने की जरूरत है।
नोट: डॉ. परवेश मलिक एक फिजिशियन हैं और वर्तमान में पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में कार्यरत हैं। डॉ. मलिक ने हरियाणा के महर्षि मार्कंडेश्वर इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज एंड रिसर्च मुल्लाना, से अपना एबीबीएस पूरा किया है। इन्होंने जनरल मेडिसिन में एमडी भी किया। पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में काम करने से पहले डॉ. परवेश ने एम.एम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च महर्षि मार्कंडेश्वर यूनिवर्सिटी में जूनियर रेजिडेंट के तौर पर काम किया है।
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