नवादा डेस्क । नवादा जिले की पांचों बरसाती नदियों खुरी, सकरी, धनार्जय, तिलैया और ढाढर में लबालब पानी भरा है। दोनों तट पर पानी उछालें मार-मार कर डरा रहा है। पानी का कहर बढ़ता ही जा रहा है। नदियों के तेज बहाव के कारण विभिन्न नदियों पर निर्माणाधीन पुल के समीप आवागमन की सहूलियत के लिए बने कई डायवर्सन ध्वस्त हो गए हैं। इस कारण ढाई सौ से अधिक गांवों के लोग प्रभावित हुए हैं।
इन गांवों के लोगों को भारी फजीहत झेलनी पड़ रही है। इन ग्रामीणों को अपने प्रखंड मुख्यालय समेत जिला मुख्यालय तक जाना अब दूभर हो गया है। वैकल्पिक मार्गों से अधिक दूरी तय करने का संकट आन पड़ा है जबकि अधिक खर्च की भी दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। अभी इसके दुरुस्त होने में वक्त लग तय माना जा रहा है। पानी के तेज बहाव के कारण कामचलाऊ अथवा आंशिक कार्य करना भी संभव नहीं हो पा रहा है।
नरहट के बभनौर के समीप स्थित डायवर्सन के अलावा हिसुआ में तिलैया नदी पर सोनसा गांव के समीप का डायवर्सन भी पानी के तेज बहाव में ध्वस्त हो गया है। गोंदापुर डायवर्सन के महत्व को समझते हुए डीएम स्वयं आवागमन को सुचारू करने की पहल कर रहे हैं।
इस संबंध में विभागीय कार्यपालक अभियंता अशोक कुमार लाल ने जानकारी दी है कि डीएम खुद इस पर नजर रख रहे हैं। उनके निर्देश के अनुकूल डायवर्सन को दुरुस्त करने की कार्रवाई की जाएगी और जल्द ही आवागमन को सुचारू कर दिया जाएगा।
जिला मुख्यालय नवादा को जोड़ने वाले अति महत्व के पथ पर गोंदापुर के समीप खुरी नदी के शोभिया नाला पर स्थित डायवर्सन ने तो आवागमन को एकदम से पंगु बना डाला है। नारदीगंज के लोगों के लिए नवादा-नारदीगंज पथ सबसे मुफीद रहा है लेकिन इस पथ पर अषाढ़ी के समीप धनार्जय नदी पर बना डायवर्सन भी टूट गया है।
ऐसी स्थिति में नारदीगंज के लोगों को हिसुआ होकर आने में अतिरिक्त 10 किमी यानी कुल 24 किमी की दूरी तय करनी पड़ रही है। यदि कोइ कुझा हो कर नवादा के लिए निकलता है तो लगभग 16 किमी अतिरिक्त यानी कुल 30 किमी का सफर करना पड़ता है। मसौढ़ी से 16 किमी अधिक सफर कर नवादा जाना पड़ रहा है।
