गरीबी और मजबूरी में भीख मांगता है आदमी, इस पर प्रतिबंध लगाना सही नहीं

by Kakajee News

भिखारियों को सार्वजनिक स्थानों व ट्रैफिक जंक्शनों से दूर करने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह इस पर सुनवाई नहीं कर सकता। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि वह भीख मांगने पर प्रतिबंध नहीं लगा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने  कहा कि जब गरीबी भीख मांगने के लिए मजबूर करती है तो वह संभ्रांतवादी दृष्टिकोण नहीं अपनाएगा। शीर्ष अदालत ने कहा कि कोई भी इंसान भीख नहीं मांगना चाहेगा, गरीबी के कारण उन्हें ऐसा करना पड़ता है।

सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि यह एक सामाजिक-आर्थिक समस्या है और राष्ट्रीय राजधानी में सड़क पर रहने वालों और भिखारियों के टीकाकरण के संबंध में केंद्र और दिल्ली सरकार का तत्काल ध्यान चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से इन मामले में सहयोग करने का आग्रह किया है। अगली सुनवाई दो सप्ताह के बाद होगी।

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