अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित प्राइमरी स्कूल में एक शिक्षक की लापरवाही बच्चों समेत स्कूल प्रबंधन और परिवार को उठानी पड़ी है। शिक्षक ने कोरोना का टीका नहीं लगवाया था, जिस कारण उसके संपर्क में आने से 12 बच्चों समेत 26 लोग कोरोना से संक्रमित हो गए। शुक्रवार को अमेरिका के महामारी नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र ने इसकी जानकारी दी।
कितना जरूरी है टीकाकरण
हेल्थ एजेंसी का कहना है कि इस मामले से पता चलता है कि स्कूल स्टॉफ के लिए टीकाकरण कितना जरूरी है, जिससे उन छोटे बच्चों को संक्रमण से बचाया जा सके जो अभी तक टीकाकरण के योग्य नहीं हुए हैं। कहा कि, जब कोरोना का डेल्टा वैरिएंट पैर पसार रहा है और स्कूल खुल चुके हैं। ऐसे में टीकाकरण तो बहुत आवश्यक है।
संक्रमण के बाद भी शिक्षक ने नहीं कराई थी जांच
जानकारी के अनुसार, शिक्षक ने 13 से 16 मई तक सामाजिक कार्यों में प्रतिभाग किया था। इसके बाद 19 मई को उसमें कोरोना के लक्षण देखे गए थे, लेकिन शिक्षक ने 21 मई तक कोरोना की जांच नहीं कराई थी। जांच में सामने आया है कि संक्रमण के दौरान शिक्षक ने बिना मास्क लगाए बच्चों को पढ़ाया था, जबकि स्कूलों में मास्क अनिवार्य था। शिक्षक के सभी 24 छात्रों की उम्र 12 वर्ष से कम थी। इसलिए वे टीकाकरण के लिए अपात्र थे। जब उनमें से 22 का परीक्षण किया गया तो 12 कोरोना संक्रमित पाए गए।
80 प्रतिशत रही संक्रमण दर
क्लास में पहले की दो लाइनों में बैठे 10 बच्चों में से आठ संक्रमित पाए गए हैं। स्टडी के अनुसार संक्रमण दर 80 प्रतिशत दर्ज की गई। वहीं पीछे की सीट पर 14 में से चार बच्चे संक्रमित हुए। जबकि, स्कूल में मास्क अनिवार्य था। वहीं हर सीट के बीच छह फीट की दूरी तय की गई थी। गाइडलाइंस के अनुसार क्लास में सभी खिड़कियों का खुला रहना भी अनिवार्य किया गया है।
बच्चों के माता-पिता व भाई-बहनों में आठ और कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। इनमें से जिन चार माता-पिता में संक्रमण पाया गया है, उनमें से तीन को टीका लग चुका था। 26 में से 22 संक्रमित लोगों में कोरोना के लक्षण पाए गए हैं। उनमें बुखार, खांसी, सिरदर्द, गले का संक्रमण पाया गया है।
