रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा चर्च अगर बने हैं, तो वो भारतीय जनता पार्टी के शासन काल में बने हैं। यह तो उलटा चोर कोतवाल को डांटे वाली बात हो गयी, आज वो सत्ता में नहीं है, तो उन्हें सत्ता में वापसी के लिए धर्मांतरण का एक सहारा चाहिये। मुख्यमंत्री ने धर्मांतरण के आरोपों पर बीजेपी को आड़े हाथों लिया।
भूपेश बघेल ने कहा कि सबसे ज्यादा चर्च अगर बने हैं, तो वो भाजपा के शासन काल में बने हैं। हम अलग-अलग धर्म के लोग है, अलग-अलग जगहों पर निवास करते हैं, जहां जनसंख्या ज्यादा होती है, वहां आस्था के केंद्र बन जाते हैं। जहां हिंदू की बस्ती होगी, वहां मंदिर बनता है, जहां सतनामी की बस्ती है, वहां जैतखाम होता है, सिक्खों की बस्ती है तो गुरुदारा बन जाता है, मुस्लिम जहां ज्यादा हैं वहां मस्जिद बन जाता है और जहां ईसाई ज्यादा होते हैं, वहां चर्च बनता है। तो पहले समुदाय जाता है और फिर वहां धार्मिक केंद्र बनते हैं।
भूपेश बघेल ने “भारतीय जनता पार्टी के चिंतन शिविर की चर्चा करते हुए कहा कि जो बातें मीडिया में देखने को मिली है, उसमें यही बात देखने को मिल रही है कि वहां 15 साल के कुशासन पर चर्चा हो रही है, रमन सरकार के 15 साल के कार्यकाल को कटघरे में खड़ा किया गया है। उसी में धर्मांतरण की भी बातें आ रही है, भारतीय जनता पार्टी के शासनकाल में जितने चर्च बने हैं बस्तर में, वो आंकड़े उठाकर देख लीजिये, ये किस मुंह से धर्मांतरण की बात करते हैं। और मैं पहले भी बोल चुका हूं, धर्म के मामले में संविधान में व्यवस्था है, कोई भी व्यक्ति स्वेच्छा से किसी भी धर्म को स्वीकार कर सकता है। अगर जबरिया धर्मांतरण हुआ है और ऐसा एक भी केस बताये तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी।
वही इस मामले में भारतीय जनता पार्टी के नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि भूपेश बघेल का कहना है कि बीजेपी के शासन काल में यदि उनको इतनी जानकारी थी तो 15 साल तक क्या कर रहे थे जब विपक्ष में बैठे थे इसी बात को लेकर हम लोग विधानसभा में प्रस्ताव लाए और चर्चा किया धर्मांतरण के विरोध में बात भी की है ।
