गुफा के अंदर छुपा है अरबो का खजाना…! पूरा संसार चल सकता है तीन दिन……पढ़िए कहा है ये गुफा

by Kakajee News

(खास रिपोर्ट उपेन्द्र डनसेना)

रायगढ़। छत्तीसगढ़ का रायगढ़ जिला पहाड़ो से घिरा है। यहां के अलग अलग क्षेत्रों के पहाड़ो की एक अलग ही कहानी है। जहां जिले के कई पहाड़ियों में पुरातात्विक शैल चित्र आज भी पाए जाते है। वहीं कई पहाड़ ऐसे भी हैं जहां खजाना होनें की बात उस क्षेत्र के ग्रामीण करते हैं। ऐसा ही एक पहाड़ी रायगढ़ जिले से तकरीबन 45 किलो मीटर दूर स्थित नवागढ़ में है। चांदरानी के नाम से मशहूर इस पहाड़ में बहुत सारा खजाना होनें की बात यहां के ग्रामीण करते हैं। इसके अलावा यहां के पहाड़ में एक गुफा है जिसमें राजा महराजा जमाने के औजार आज भी देखे जा सकते हैं। गांव के बड़े बुजुर्गो के अनुसार वे अपने पुर्वजों से यहां की चमत्कारी कथाएं सुनते आ रहे हैं।

रायगढ़ जिले के सिंघनपुर गुफा, बादलखोल, बोतल्दा रॉक गार्डन, कबरा पहाड़ में कई शैलचित्र, और पुरातात्विक महत्व की बहुत सारी कलाकृतियां आज भी देखी जा सकती है। उन्ही में से एक और पहाड़ी रायगढ़ से 45 किलोमीटर दूर नवागढ़ में चांदरानी का मंदिर है। इस चमत्कारी पहाड़ी के बारे में जैसे ही हमे पता चला हम यहां की कहानी जानने और लोगों को यहां की चमत्कारी कथाओं से रूबरू कराने 45 किलोमीटर सफर कर पहाड़ की दुर्गम रास्तों की चढ़ाई करने के बाद 400 मीटर का सफर तय कर जब उस चक्र तक पहुंचे। तब वहां का नजारा चकित करने वाला था। पहाड़ो में फिल्मों और टीवी सीरियलों में दिखाए जाने वाला चक्र नुमा नुकीला आकार पहाड़ में दूर दूर तक अंकित था। मानो पहले जमाने में यहां कोई तिलस्मी दरवाजा हुआ करता था।

चांदरानी का मंदिर


चांद रानी पहाड़ी पर बने चक्र और शिलालेख के बारे मे पूर्वजो से सुनते आ रहे ग्रामीणो का कहना है कि गुफा में पूरे विश्व के ढाई दिन के खर्च के बराबर धन छुपा हुआ है, लेकिन शिलालेख को अभी तक किसी ने पढने मे सफलता नही पाई है। यदि कोई इस शिलालेख को पढ़ लेगा तो उसे धन का रास्ता मिल जाएगा। वन विभाग के कुछ बीट गार्ड पहाड़ में अंकित शिलालेख और हथियार को देखने की बात को मानते है।

पहाड़ में जगह- जगह बने चक्रनुमा रहस्यमयी कलाकृति


ग्रामीणो की आस्था कहे या अंध विश्वास जिनके सहारे ये हथियार और शिलालेख आज भी सुरक्षित देखने को मिल पा रहा है। इससे साफ जाहिर है कि सैकड़ो साल से रखे हथियार और शिलालेख जिनका संरक्षण करना प्रशासन का काम है यहां पर न तो प्रशासन ध्यान दे रहा है और नही पंचायत। जबकि पर्यटन को बढ़ावा देने के नाम पर लाखो करोड़ो रूपये खर्च कर दिये जाते है।

चांदरानी पहाड़ का गुफा

मुराद होती है पूरी
परिवार समेत कई किलोमीटर पैदल चलकर चांदरानी मंदिर दर्शन करने आए ग्रामीण ने हमारे संवाददाता को बताया कि वह मूलत घरघोडा का रहने वाला है। लेकिन प्रतिवर्ष वह यहां आकर मां चांदरानी का दर्शन करता है। क्योंकि वह यहां की चमत्कारी शक्तियों पर आस्था रखता है। उसने बताया कि यहां सच्चे तन मन से मां से कुछ भी मांगों उसकी मुराद अवश्य ही पूरी होती है।

पहाड़ के गुफाओं में छुपा हुआ हथियार

अंधविश्वास या फिर आस्था
इसे अंधविश्वास कहें या फिर मान्यता, गांव के कुछ बुजुर्गो ने बताया कि इस पहाड़ी में कोई भी विवाहित बगैर पुजारी के पूजा पाठ किये बिना पहाड़ी में नही चढ़ता। अगर वह बिना पुजारी के पूजा किये पहाड़ में स्थित चक्र या फिर गुफा के हथियार तक पहुंच भी जाता है तो उसकी मानसिक स्थिति खराब हो सकती है। इसलिए पुजारी के पूजा पाठ से पहले कोई भी विवाहित व्यक्ति उस पहाड़ी में नही चढ़ता।

चांदरानी पहाड़ जाने का मार्ग

खतरों से भरा है डगर
कहते हैं जहां खजाना छुपा होता है या फिर कहीं कोई पुरातत्व सामग्री होती है वहां की रक्षा कोई दैविक शक्ति करती है। चांद रानी पहाड़ी की भी कुछ ऐसी कहानी है। गांव वालों के अनुसार जिस पहाड़ में चक्र और राजा महाराजाओं का हथियार छुपा है, उस पहाड़ में कई जहरीले जीव जंतु जैसे सांप, बिच्छु और जंगली मधुमक्खियों के अलावा कई और जंगली जानवर है, गांव वालों के अनुसार जो भी गलत नियत से इस पहाड़ में चढ़ेगा उसके साथ कोई अनहोनी घटना घट सकती है।

चांदरानी पहाड़ के पास स्थित नवागढ़ का स्कूल

पर्यटक स्थल के रूप में हो सकता है विकसित
रायगढ़ जिले के पहाड़ियों की अलग-अलग कहानियां बरसों से लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है। हर कोई यहां की कहानी और यहां छुपे रहस्यों को जानने लालायित रहता है। ऐसी स्थित में प्रशासन को ऐसे जगहों को चयनित करके यहां के कायाकल्प करने की दिशा में पहल करनी चाहिए ताकि जिले की चमत्कारी कहानी दूर दूर तक पहुंचे और लोग यहां आकर अंचल वासियों के मान्यताओं और आस्था से रूबरू हो सकें।

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