लाइलाज प्रोजेरिया बीमारी से जूझ रहे गरियाबंद जिले के आदिवासी किशोर शैलेंद्र की ख्वाहिश मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इस तरह पूरी करेंगे शायद शैलेंद्र ने भी नहीं सोचा होगा। दिल में कलेक्टर बनने की चाहत लिए शैलेंद्र की जब ये इच्छा मुख्यमंत्री के पास पहुंची तो उन्होंने भी तत्काल उसे अपने पास बुला लिया। दरअसल प्रोजेरिया बीमारी से ग्रसित शैलेंद्र 16 साल की उम्र में 60 साल के बुजुर्ग की स्थिति में पहुंच गया है। शैलेंद्र फिल्म ‘पा’ मैं अमिताभ बच्चन द्वारा निभाये किरदार की तरह ही दिखते हैं। रायपुर रवाना होने से पहले शैलेंद्र को गरियाबंद जिले के शैडो कलेक्टर की जिम्मेदारी दी गई।
बता दे कि शैलेन्द्र ने कुछ दिन पहले ही मीडिया के जरिए के अपनी इच्छा सामने रखी थी। उसने कहा था कि उसका सपना बड़ा होकर एक दिन कलेक्टर बनने की है। मैं कलेक्टर की कुर्सी पर बैठना चाहता हूं। शैलेंद्र की ये इच्छा मुख्यमंत्री तक पहुंची थी, जिसके बाद सीएम ने खुद उससे मिलने की इच्छा जताई। मुख्यमंत्री के निर्देश पर गरियाबंद कलेक्टर नीलेश क्षीरसागर को उसे रायपुर भेजने का इंतजाम किया। मुख्यमंत्री से मिलने के लिए सर्किट हाउस जब शैलेंद्र पहुंचा, तो उस वक्त मुख्यमंत्री आईजी-एसपी कांफ्रेंस ले रहे थे। सीएम ने शैलेंद्र को बुलाया और फिर अपने बगल वाली कुर्सी पर बैठाया। बैठक के दौरान अफसरों से परिचय भी करवाया।
गरियाबंद कलेक्टर ने दी जिम्मेदारी
शैडो कलेक्टर की जिम्मेदारी देने के बाद गरियाबंद कलेक्टर निलेश क्षीरसागर ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद शैलेंद्र को यह जिम्मेदारी दी गई है। मुख्यमंत्री से मिलने का समय तय था। इसलिए उन्हें गरियाबंद से रायपुर भेजा गया।
11वीं कक्षा में पढ़ता है शैलेंद्र
एसपी कान्फ्रेंस के बाद पुलिस बल द्वारा मुख्यमंत्री को दिए जाने वाले ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ में शैलेन्द्र को भी स्थान दिया गया मुख्यमंत्री द्वारा पूछे जाने पर शैलेन्द्र ने बताया कि उनकी उम्र 16 वर्ष है और वे हाई स्कूल रसेला में 11वीं के छात्र हैं। शैलेन्द्र से पूछा कि उन्हें ठेठरी, खुरमी पसन्द है या चॉकलेट। शैलेन्द्र की पसंद पर मुख्यमंत्री ने उसे खूब सारी चॉकलेट दी और अपने हाथों से मिठाई भी खिलायी।
